ट्रंप ने कई दिन पहले ही दी थी हमले को मंजूरी
इस बीच CBS न्यूज ने बताया है कि राष्ट्रपति ट्रंप ने ऑपरेशन शुरू होने से कई दिन पहले ही वेनेजुएला में जमीनी हमले करने के लिए अमेरिकी सेना को हरी झंडी दे दी थी। नाम न छापने की शर्त पर दो अमेरिकी अधिकारियों ने यह जानकारी दी है। सूत्रों ने बताया कि पहले क्रिसमस के दिन मिशन को अंजाम देने पर चर्चा हुई थी, लेकिन नाइजारिया में ISIS ठिकानों पर हवाई हमलों को प्राथमिकता दी गई।
क्रिसमस के बाद के दिनों में अमेरिकी सैन्य अधिकारियों के लिए हमले का एक और मौका आया लेकिन खराब मौसम की वजह से ऑपरेशन रोक दिया। अधिकारियों ने कहा कि अमेरिकी सेना ऐसे मौसम का इंतजार कर रही थी जो मिशन की सफलता के लिए फायदेमंद हो।
काराकास में कई जगह धमाके
रिपोर्टों में बताया गया है कि काराकस में कई जगहों पर लगभग एक साथ धमाकों की रिपोर्टें आई हैं। इनमें मिलिट्री सुविधाएं भी शामिल हैं। चश्मदीदों ने बताया कि शहर के बीच में एक मिलिट्री एयरफील्ड ला कार्लोटा और मुख्य मिलिट्री बेस फुएर्टे ट्यूना के बारे में चश्मदीदों ने बताया कि वे प्रभावित हुए हैं और दोनों जगहों पर धमाकों के वीडियो भी सामने आए हैं।
डिफेंस प्लान एक्टिवेट करने का आदेश
वेनेजुएला की सरकार ने एक बयान जारी कर अमेरिका पर राजधानी काकाकस और देश के कई हिस्सों में बहुत गंभीर सैन्य हमला करने का आरोप लगाया है और इसकी निंदा की है। सरकार ने काराकस और मिरांडा, अरागुआ और ला गुएरा राज्यों पर हमले की बात कही है। बयान में कहा गया है कि राष्ट्रपति निकोलस मादुरो ने आपातकाल की घोषणा कर दी है और सभी राष्ट्रीय रक्षा योजनाओं को सही समय पर और सही परिस्थितियों में लागू करने का आदेश दिया है।
बयान में कहा गया है कि काराकस में हमलों का मकसद वेनेजुएला के रणनीतिक संसाधनों, खासकर उसके तेल और खनिजों पर कब्जा करना और देश की राजनीतिक आजादी को जबरदस्ती खत्म करना है। इसके साथ ही वेनेजुएला की सामाजिक और राजनीतिक ताकतों से देश की रक्षा के लिए एकजुट होने का आह्वान किया है।













