ट्रंप का अमेरिका दौरा महत्वपूर्ण क्यो?
अमेरिका और चीन दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाएं हैं। ऐसे में ट्रंप औप जिनपिंग की मुलाकात पर भी दुनिया की नजर बनी रहेगी। यह ट्रंप का दूसरी बार ऑफिस संभालने के बाद पहला चीन दौरा होगा। ट्रंप का पिछला चीन दौरा नवंबर 2017 में उनके पहले टर्म के दौरान हुआ था। शी जिनपिंग के भी इस साल के आखिर में अमेरिका जाने की उम्मीद है। ट्रंप और जिनपिंग ने 4 फरवरी को फोन पर बातचीत भी की थी। शी और ट्रंप ने इस महीने की शुरुआत में हुई बातचीत को दोस्ताना और कंस्ट्रक्टिव बताया था।
भारत यात्रा से पहले चीन जा रहे ट्रंप
पिछले साल ऐसा कहा जा रहा था कि ट्रंप राष्ट्रपति पद की शपथ लेने के बाद QUAD शिखर सम्मेलन के लिए भारत का दौरा करेंगे। हालांकि, उनका यह दौरा अब भी अनिश्चित बना हुआ है। ऐसा प्रतीत होता है कि ट्रंप चीन के खिलाफ कोई भी कदम उठाने में हिचक रहे हैं। चीन का दावा है कि QUAD का गठन खासतौर पर उसके खिलाफ किया गया है। वह हमेशा QUAD की आलोचना करता रहा है। वहीं, भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने दावा किया है कि ट्रंप भारत आने के लिए तैयार हैं और उनका यह दौरा जल्द हो सकता है। हालांकि, अमेरिकी टैरिफ और भारत के खिलाफ ट्रंप के बड़बोले बयानों को देखते हुए इसकी संभावना कम जताई जा रही है।
QUAD क्या है?
क्वाड (QUAD – Quadrilateral Security Dialogue) भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया के बीच एक अनौपचारिक रणनीतिक समूह है। इसका मुख्य उद्देश्य हिंद-प्रशांत (Indo-Pacific) क्षेत्र को “मुक्त, खुला और समावेशी” बनाए रखना है। हालांकि, इसे अक्सर चीन के क्षेत्रीय प्रभाव को संतुलित करने के लिए एक गठबंधन के रूप में देखा जाता है। इसमें शामिल देश समुद्री सुरक्षा, आपदा प्रबंधन और महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकियों पर सहयोग करते हैं।
ट्रंप के कार्यकाल में QUAD का भविष्य क्या होगा?
QUAD का भविष्य को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप QUAD को लेकर गंभीर नहीं हैं। ऐसा माना जा रहा है कि ट्रंप चीन को नाराज नहीं करना चाहते हैं। ऐसे में वह क्वाड की बैठक से खुद को दूर रखने की कोशिश कर रहे हैं। क्वाड शिखर सम्मेलन का आयोजन 2025 में भारत में किया जाना था। लेकिन, ट्रंप ने टैरिफ लगाकर भारत समेत इसके सभी सदस्य देशों से संबंध बिगाड़ लिए। इस कारण क्वाड की बैठक पर अनिश्चितता बनी हुई है।














