तीसरे महाभियोग का डर
इस बीच डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को वॉशिंगटन में प्रतिनिधि सभा के रिपब्लिकन सांसदों की एक बैठक में कहा, आपको मिडटर्म चुनाव जीतने होंगे, क्योंकि अगर मध्यावधि चुनाव नहीं जीतते हैं, तो वे मेरे खिलाफ महाभियोग लगाने का कोई न कोई कारण ढूढ़ लेंगे। ट्रंप ने आगे कहा, ‘मुझे इंपीच कर दिया जाएगा।’ इसके पहले विपक्ष डोनाल्ड ट्रंप दो बार डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ महाभियोग ला चुका है, जो नाकाम रहा था।
मिडटर्म हारने का ट्रंप पर क्या होगा असर?
अमेरिका में साल 2026 के नवम्बर में मध्यावधि चुनाव होने हैं। हालांकि, रिपब्लिन पार्टी अगर मध्यावधि चुनावों में हार जाती है तो भी ट्रंप राष्ट्रपति बने रहेंगे। लेकिन ऐसा होने पर कांग्रेस पर रिपब्लिकन पार्टी पर ट्रंप की पकड़ कमजोर होगी, जिससे ट्रंप की बड़े सुधारों को लागू करने की योजना को झटका लगेगा। मध्यावधि चुनावों में हॉउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स (प्रतिनिधि सभा) की सभी 435 सीटों और सीनेट की 100 सीटों में से एक तिहाई सीटों पर चुनाव होंगे। सीनेट की 100 सीटों में इस समय 53 सदस्यों के साथ रिपबल्किन का बहुमत है। डेमोक्रेटिक पार्टी के 45 सदस्य हैं, जबकि दो सीनेटर स्वतंत्र हैं।
ट्रंप के खिलाफ महाभियोग की मांग तेज
कांग्रेस पर मजबूत नियंत्रण होने की स्थिति में डेमोक्रेटिक पार्टी ट्रंप के खिलाफ महाभियोग की कार्यवाही शुरू कर सकती है। वेनेजुएला पर हमले और निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी के बाद ट्रंप के खिलाफ महाभियोग की मांग तेज हो गई है। डेमोक्रेटिक पार्टी के सांसदों ने ट्रंप पर राष्ट्रपति की शक्तियों के गलत तरीके से इस्तेमाल का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की आलोचना की है।
मैरीलैंड की डेमोक्रेटिक सांसद अप्रैल मैकक्लेन डेलाने ने डेमोक्रेटिक पार्टी से वेनेजुएला में ट्रंप की सैन्य कार्रवाई के जवाब में जल्द से जल्द महाभियोग की कार्यवाही पर विचार करने की अपील की है। कैलिफोर्निया से स्टेट सीनेटर स्कॉट वीनर ने भी ट्रंप के खिलाफ महाभियोग की मांग की है। वे इस बार नैंसी पेलोसी की कांग्रेस सीट के लिए चुनाव लड़ रहे हैं।














