68 नहीं 28 मिस्टर प्रेसिडेंट!
सरकारी अनुबंधों, डिलीवरी रिकॉर्ड्स, सैन्य और राजनयिक सूत्रों से मिली जानकारी पर गौर करें तो यूएस राष्ट्रपति का अपाचे हेलीकॉप्टर को लेकर दावा हकीकत से कोसों दूर है। असल में, भारत ने कुल मिलाकर सिर्फ 28 अपाचे हेलीकॉप्टर ऑर्डर किए थे। दिसंबर 2025 तक सभी की डिलीवरी हो चुकी है। यह गड़बड़ी ट्रंप के सार्वजनिक बयानों में अक्सर दिखने वाले पैटर्न को दोहराती है। जिसमें वो अमेरिका के प्रभाव या अपनी व्यक्तिगत भागीदारी को दिखाने के लिए अक्सर संख्याओं को बढ़ा-चढ़ाकर बताते हैं।
28 अपाचे अटैक हेलीकॉप्टर की हुई थी डील
ये कोई पहली बार नहीं है जब ट्रंप ने इस तरह का कोई दावा किया है। इससे पहले वो कई मौकों पर ये कह चुके हैं कि भारत और पाकिस्तान को टैरिफ की धमकी देकर युद्धविराम करवाया था। ये बात उन्होंने बीते साल हुए ऑपरेशन सिंदूर एक्शन को लेकर कही थी। हालांकि, ट्रंप के इस दावे को भारत सरकार ने कई मौकों पर नकार दिया है। बावजूद इसके अमेरिकी राष्ट्रपति बार-बार अपने दावे को दोहराते रहे हैं।
क्या ट्रंप ने कर दी बड़ी चूक
ट्रंप ने अब पीएम मोदी से अपनी दोस्ती का जिक्र करते हुए भारत से संबंधों को लेकर कई बातें कही। इसी दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति ने मंगलवार को कहा कि रूसी तेल खरीदने पर अमेरिका की ओर से भारत पर लगाए गए टैरिफ के कारण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उनसे ज्यादा खुश नहीं हैं। ट्रंप ने ‘हाउस जीओपी सदस्य रिट्रीट’ में अपने संबोधन में यह भी दावा किया कि प्रधानमंत्री मोदी मुझसे मिलने आए। मेरे उनके साथ बहुत अच्छे संबंध हैं। वह मुझसे उतने खुश नहीं हैं, क्योंकि उन्हें काफी शुल्क देना पड़ रहा है। लेकिन, अब उन्होंने रूस से तेल का व्यापार काफी हद तक कम कर दिया है।
जानिए ट्रंप ने भारत से संबंधों पर क्या कहा
‘हाउस जीओपी मेंबर रिट्रीट’ अमेरिकी प्रतिनिधि सभा के रिपब्लिकन पार्टी सदस्यों की एक वार्षिक बैठक है। ट्रंप ने यह भी कहा कि भारत ने उन्हें बताया है कि वह अपाचे हेलीकॉप्टरों के लिए पांच साल से इंतजार कर रहा है। हम इसे बदल रहे हैं। भारत ने 68 अपाचे हेलीकॉप्टर का ऑर्डर दिया है। हालांकि, ट्रंप अपनी बात रखते हुए यहीं चूक कर गए। ऐसा इसलिए क्योंकि टीओआई की रिपोर्ट के मुताबिक भारत ने अमेरिका से डील में 28 अपाचे अटैक हेलीकॉप्टर ऑर्डर किए थे। ऐसे में 68 अपाचे हेलीकॉप्टर डील का दावा सही नहीं माना जा सकता।
भारत ने कब-कब की थी अपाचे की डील
अपाचे हेलीकॉप्टर को लेकर भारत ने सितंबर 2015 में यूएस से डील की थी। उस समय भारतीय वायुसेना के लिए 22 हेलीकॉप्टरों के लिए 13,952 करोड़ रुपये की डील हुई। इस डील के बाद 2019-2020 में इसे भारत को सौंप दिया गया। इसके बाद इन्हें दो फ्रंटलाइन स्क्वाड्रन में शामिल किया गया और ये जल्द ही भारत की अटैक हेलीकॉप्टर क्षमता का अहम हिस्सा बन गईं।
पहले 22 और फिर 6 और हेलीकॉप्टर का ऑर्डर
इसी के बाद फरवरी 2020 में आर्मी के लिए 6 अपाचे हेलीकॉप्टरों की डील हुई थी। ये कॉन्ट्रैक्ट 5,691 करोड़ रुपये का था। इसी ऑर्डर में बार-बार देरी हुई और यह अमेरिका और भारत की राजनीतिक चर्चाओं का विषय बन गया। पीएम मोदी ने भी फरवरी 2025 में व्हाइट हाउस की अपनी यात्रा के दौरान इस मुद्दे को उठाया था, जो एजेंडे के कई विषयों में से एक था।
ट्रंप के 68 हेलीकॉप्टर के दावे पर सवाल
कुल मिलाकर, दोनों सौदों से 28 हेलीकॉप्टर बनते हैं, जो ट्रंप की ओर से बताए गए आंकड़े से आधे से भी कम हैं। फिलहाल अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने जिस तरह से 68 अपाचे हेलीकॉप्टर को लेकर दावा किया उससे कई सवाल उठ रहे हैं। हेलीकॉप्टर की संख्याओं को बढ़ा-चढ़ाकर बताने से उनकी विश्वसनीयता कम हो जाती है।














