• International
  • डोनाल्‍ड ट्रंप ने कसा श‍िकंजा तो चीन की शरण में पहुंचा कनाडा, भुला दी दुश्‍मनी, बताया ‘रणनीतिक पार्टनर’

    बीजिंग: कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी चीन के दौरे पर पहुंचे हैं। उन्होंने शी जिनपिंग के साथ मुलाकात करते हुए दोनों देशों के बेहतर रिश्ते पर जोर दिया है। कार्नी ने नई वैश्विक हकीकत को समझने पर जोर देते हुए चीन के साथ संबंधों पर जोर दिया है। यह आठ साल में किसी कनाडाई नेता


    Azad Hind Desk अवतार
    By Azad Hind Desk जनवरी 16, 2026
    Views
    728 x 90 Advertisement
    728 x 90 Advertisement
    300 x 250 Advertisement
    बीजिंग: कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी चीन के दौरे पर पहुंचे हैं। उन्होंने शी जिनपिंग के साथ मुलाकात करते हुए दोनों देशों के बेहतर रिश्ते पर जोर दिया है। कार्नी ने नई वैश्विक हकीकत को समझने पर जोर देते हुए चीन के साथ संबंधों पर जोर दिया है। यह आठ साल में किसी कनाडाई नेता की पहली बीजिंग यात्रा है। ऐसे में इसे एक नए ‘वर्ल्ड ऑर्डर’ की शुरुआत के तौर पर देखा जा रहा है। कार्नी की इस यात्रा और चीन से संबंध सुधारने को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कनाडा पर सख्त रुख से उपजे गुस्से के तौर पर देखा जा रहा है। ट्रंप ने बीते साल राष्ट्रपति बनने के बाद से लगातार यूरोप और कनाडा जैसे सहयोगियों को धमकियां दी हैं।

    पीपल्स ग्रेट हॉल में शी जिनपिंग के साथ मुलाकात में कार्नी ने कहा कि हम मिलकर इस रिश्ते की पिछली अच्छी बातों को आगे बढ़ा सकते हैं। ताकि नई वैश्विक वास्तविकताओं के हिसाब से एक नया रिश्ता बनाया जा सके। कार्नी ने कहा कि ये सहयोग हमारी नई रणनीतिक साझेदारी की नींव बनेंगे और कृषि, ऊर्जा, वित्त क्षेत्र में अवसर प्रदान करेंगे।

    कार्नी के दौरे के पीछे का गणित

    कार्नी ने शुक्रवार को कनाडा और चीन के शुरुआती व्यापार समझौते पर पहुंचने की जानकारी दी है। इस डील का मकसद टैरिफ कम करना है, जिसमें चीन से 49,000 इलेक्ट्रिक वाहन रियायती टैरिफ दरों पर आयात करना शामिल है। डोनाल्ड ट्रंप के कनाडाई सामानों पर टैरिफ बढ़ाने के बाद कार्नी ने अमेरिका पर कनाडा की निर्भरता कम करने की कोशिश के तहत चीन से संबंध ठीक करने की कोशिश की है।

    द गार्डियन की रिपोर्ट कहती है कि कार्नी की चीन की राजकीय यात्रा ‘डिप्लोमैटिक कैलकुलेशन’ का नतीजा है। यह अमेरिका के साथ कनाडा के ट्रेड वॉर और ट्रेडिंग पार्टनर से बढ़ते आर्थिक दबाव को कम करने के लिए एक्सपोर्ट बढ़ाने की जरूरत को दिखाती है। चीन-कनाडा ने लंबे समय से अटके क्लीन एनर्जी और फॉसिल फ्यूल पर सहयोग करने के लिए एक समझौते पर साइन किए हैं।

    चीन-कनाडा में समझौते

    क्लीन एनर्जी और फॉसिल फ्यूल पर समझौता कनाडा के लिए चीन से ज्यादा क्लीन-एनर्जी टेक्नोलॉजी इंपोर्ट करने का रास्ता खोलता है। साय़ ही चीनी बाजार में कनाडाई फॉसिल फ्यूल एक्सपोर्ट की संभावना बढ़ाता है, जो कार्नी की गैर-अमेरिकी एक्सपोर्ट को दोगुना करने की कोशिश का हिस्सा है। चीनी राष्ट्रपति शी ने कार्नी का स्वागत करते हुए कहा कि सहयोग बहाल करने के प्रयासों को देखकर वह खुश हैं।

    कनाडा और चीन के संबंध साल 2018 में खराब हो गए थे। उस समय कनाडा ने अमेरिकी वारंट पर हुआवेई की चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर मेंग वानझोउ को गिरफ्तार किया। जवाब में चीन ने जासूसी के आरोपों में दो कनाडाई नागरिकों को हिरासत में लिया था। इसके बाद दोनों देशों ने एक-दूसरे के एक्सपोर्ट पर टैरिफ लगाए। चीन पर कनाडा के चुनावों में दखल देने का भी आरोप लगा।

    कार्नी की बदलाव की कोशिश

    कनाडा और चीन ने 2018 के बाद रिश्ते में आए तनाव को भुलाते हुए आगे बढ़ने का फैसला लिया है। खासतौर से अमेरिका से तनातनी के बाद मार्क कार्नी ने एक स्ट्रेटेजिक बदलाव की कोशिश की है। इसमें बीजिंग से भी सकारात्मक संदेश मिला है। मार्क कार्नी ने जिनपिंग के अलावा चीन के प्रीमियर ली कियांग से भी मुलाकात की है।

    कनाडा पारंपरिक रूप से अमेरिका का सहयोगी है लेकिन दोनों देशों के रिश्ते में ट्रंप के राष्ट्रपति बनने के बाद तनाव है। ट्रंप ने कनाडा के स्टील, एल्युमिनियम, गाड़ियों और लकड़ी पर भारी टैरिफ लगाया है। इससे कनाडा को नुकसान हुआ है। ऐसे में कार्नी सरकार अमेरिका पर निर्भरता कम करने के लिए काम कर रही है। हालांकि अमेरिका अभी तक उसका सबसे बड़ा बाजार है।

    728 x 90 Advertisement
    728 x 90 Advertisement
    300 x 250 Advertisement

    हर महीने  ₹199 का सहयोग देकर आज़ाद हिन्द न्यूज़ को जीवंत रखें। जब हम आज़ाद हैं, तो हमारी आवाज़ भी मुक्त और बुलंद रहती है। साथी बनें और हमें आगे बढ़ने की ऊर्जा दें। सदस्यता के लिए “Support Us” बटन पर क्लिक करें।

    Support us

    ये आर्टिकल आपको कैसा लगा ? क्या आप अपनी कोई प्रतिक्रिया देना चाहेंगे ? आपका सुझाव और प्रतिक्रिया हमारे लिए महत्वपूर्ण है।