ईरान ड्राफ्ट डील के करीब
शुक्रवार को ट्रंप के बयान से कुछ घंटे पहले विदेश मंत्री अराघची ने एक टीवी इंटरव्यू में कहा कि उनका देश अगले दो से तीन दिनों में एक ड्राफ्ट डील को फाइनल करने का प्लान बना रहा है, जिसे वॉशिंगटन भेजा जाएगा। समाचार एजेंसी एपी की रिपोर्ट के अनुसार, अराघची ने कहा, मुझे नहीं लगता कि इसमें ज्यादा समय लगेगा। शायद एक हफ्ते या उससे ज्यादा समय में हम टेक्स्ट पर असली, गंभीर बातचीत शुरू कर सकते हैं और किसी नतीजे पर पहुंच सकते हैं।
अमेरिका और उसके यूरोपियन सहयोगियों को शक है कि ईरान परमाणु हथियार बढ़ाने की तरफ बढ़ रहा है। तेहरान ने इन आरोपों से हमेशा इनकार किया है। अमेरिकी और ईरानी अधिकारियों ने तेहरान के परमाणु कार्यक्रम पर स्विटजरलैंड के जेनेवा में मुलाकात की और कहा कि बातचीत में प्रगति हुई है। ईरान और अमेरिका दोनों ने संकेत दिया है कि अगर बातचीत फेल हो जाती है तो वे जंग के लिए तैयार हैं।
ईरान जंग के लिए तैयार- अराघची
अराघची ने शुक्रवार को कहा, ‘हम डिप्लोमेसी के लिए तैयार हैं, और हम नेगोशिएशन के लिए उतने ही तैयार हैं, जितना हम हम जंग के लिए तैयार हैं।’ इस बीच अमेरिकी सेना मिडिल ईस्ट में ईरान के आसपास अपनी मौजूदगी बढ़ा रही है। अमेरिका ने दुनिया के सबसे बड़े वॉरशिप USS गेराल्ड आर फोर्ड को इस इलाके की तरफ रवाना कर दिया है। शुक्रवार को मैरिटाइम फोटोग्राफरों से पोस्ट की गई तस्वीरों से पता चलता है कि यह जिब्राल्टर की खाड़ी से गुजरकर भूमध्य सागर में प्रवेश कर गया है।
वहीं, सैटेलाइट तस्वीरें बताती है कि ईरान ने भी अपनी तैयारी मजबूत की है। इसके साथ ही देश के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामेनेई ने सोशल मीडिया पोस्ट में अमेरिका को धमकी दी है। इंटरनेशनल क्राइसिस ग्रुप में ईरान एक्सपर्ट अली वेज़ ने एसोसिएटेड प्रेस से कहा कि ईरान ‘किसी भी काइनेटिक एक्शन को अपने अस्तित्व के लिए खतरा मानेगा।’














