बराक ओबामा की एलियन पर टिप्पणी की डोनाल्ड ट्रंप ने आलोचना की है। इसके बाद उन्होंने एलियंस और यूएफओ से जुड़े दस्तावेजों को सार्वजनिक करने का ऐलान कर दिया। ट्रंप ने ट्रूथ सोशल पर लिखा, ‘मैं वॉर सेक्रेटरी और दूसरे संबंधित विभागों को एलियन और बाहरी जीवन, यूएपी-यूएफओ की जानकारी से संबंधित सरकारी फाइलों को जारी करने की प्रक्रिया शुरू करने को कहूंगा।’
बराक ओबामा के बयान से हुई शुरुआत
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने ब्रायन टायलर कोहेन के पॉडकास्ट में कहा था कि एलियंस हकीकत में होते हैं लेकिन उन्हें ‘एरिया 51’ जैसी जगहों पर छिपाकर नहीं रखा गया है। ट्रंप ने ओबामा के बयान की आलोचना करते हुए कहा कि यह गोपनीय जानकारी का हिस्सा है, उन्हें ऐसा नहीं करना चाहिए था।
ओबामा ने यह भी कहा कि उनके कार्यकाल में एलियंस की मौजूदगी के सबूत नहीं मिले। उन्होंने कहा कि एलियंस की संभावना सिर्फ ब्रह्मांड की विशालता और सांख्यिकीय आधार पर सच हो सकती है। एरिया 51 के बारे में उन्होंने कहा कि वहां कोई एलियन नहीं है। एरिया 51 में एलियन के शव होने की धारणा गलत है।
एरिया 51 की क्यों होती है चर्चा
एरिया 51 अमेरिका के नेवादा में अमेरिका वायुसेना का सीक्रेट अड्डा है। कई दफा ये दावा किया गया है कि यहां एलियन के शवों और क्रैश हुए यूएफओ को रखा जाता है। 2013 में सीआईए ने इससे जुड़े दस्तावेजों को सार्वजनिक किया था। इसमें बताया गया था कि शीत युद्ध के दौरान इस ठिकाने का इस्तेमाल जासूसी विमानों के परीक्षण के लिए किया जाता था।














