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  • ड्रोन झुंड के हमले रोकने में अमेरिका से आगे निकला चीन, बनाया महाशक्तिशाली माइक्रोवेव वेपन सिस्टम, जानें खूबी

    बीजिंग: हालिया वर्षों में युद्ध के मैदान में ड्रोन का इस्तेमाल बढ़ा है। खासतौर से झुंड में होने वाले ड्रोन हमले बड़ी चुनौती बने हैं। ड्रोन के बढ़ते खतरे के बीच चीन ने शक्तिशाली माइक्रोवेव हथियार सिस्टम तैयार है। यह सिस्टम 3 किलोमीटर की दूरी तक ड्रोन झुंडों को नष्ट कर सकता है। हरिकेन-3000 नाम


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    By Azad Hind Desk जनवरी 11, 2026
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    बीजिंग: हालिया वर्षों में युद्ध के मैदान में ड्रोन का इस्तेमाल बढ़ा है। खासतौर से झुंड में होने वाले ड्रोन हमले बड़ी चुनौती बने हैं। ड्रोन के बढ़ते खतरे के बीच चीन ने शक्तिशाली माइक्रोवेव हथियार सिस्टम तैयार है। यह सिस्टम 3 किलोमीटर की दूरी तक ड्रोन झुंडों को नष्ट कर सकता है। हरिकेन-3000 नाम का यह माइक्रोवेव हथियार 80,000 वोल्ट तक के इलेक्ट्रोमैग्नेटिक पल्स पैदा कर सकता है, जो परमाणु विस्फोट के जैसा हो जाता है। दावा किया गया है कि चीन का यह सिस्टम अमेरिका के इसी तरह के वेपन से ज्यादा लंबी दूरी तक मार करते हुए हमले रोकने में सक्षम है।

    द स्टार के मुताबिक, चीन ने ट्रक माउंटेड हरिकेन-3000 को साल 2024 में पहली बार एक सैन्य परेड में प्रदर्शित किया था। इसके डेवलपर नोरिनको के विशेषज्ञ यू जियानजने बताया है कि यह सिस्टम हल्के और छोटे मानव रहित हवाई वाहनों (UAV) और ड्रोन झुंडों के खिलाफ तीन किलोमीटर से ज्यादा की प्रभावी इंटरसेप्शन रेंज रखता है। यह रेंज इसे वैश्विक बाजार में इस तरह की प्रणालियों में सबसे मारक बना देता है।

    अमेरिकी सिस्टम से बेहतर है हरिकेन!

    यू जियानजुन ने बताया कि यह सिस्टम अकेले काम कर सकता है और लेजर हथियारों और तोपखाने के साथ मिलकर ड्रोन हमले के खिलाफ आयरन ट्राएंगलबना सकता है। इस खूबी से यह विभिन्न हवाई रक्षा मिशनों को अंजाम दे सकता है। इसमें पॉइंट डिफेंस, सीमा और तटीय सुरक्षा के साथ-साथ शहरी सार्वजनिक सुरक्षा शामिल है।

    अमेरिका के पास इसी तरह का एक हाई -पावर माइक्रोवेव हथियार सिस्टम है, जिसे लियोनिडासकहा जाता है। इसकी रेंज करीब 2 किलोमीटर है, जो चीन के हरिकेन 3000 से काफी ज्यादा कम है। ऐसे में चीन का कहना है कि ‘हरिकेन 3000’ आकार में अमेरिकी हथियार से काफी बड़ा, कहीं ज्यादा ज्यादा शक्तिशाली और मारक सिस्टम है।

    कैसे काम करता है हरिकेन-3000

    यू जियानजुन के अनुसार, हरिकेन-3000 की खूबियों में लक्ष्य का पता लगाना, ट्रैक करना और युद्ध के दौरान ऑटोमेशन (स्वचालन) शामिल है। यह सिस्टम चलते-फिरते (मूविंग) टारगेट को ट्रैक करने के लिए रडार इस्तेमाल करता है। सिस्टम लक्ष्य पर लॉक हो जाता है तो यह एंटीना पैनल से हाई-पावर माइक्रोवेव पैदा करते हुए टारगेट को बेअसर कर देता है।

    हरिकेन-3000 जैसे हाई-पावर माइक्रोवेव हथियार हार्ड किलकाउंटर-ड्रोन तकनीक का उपयोग करते हैं। इसका मतलब है कि वे एक चौड़े क्षेत्र में किरणें उत्सर्जित करते हैं, जो प्रकाश की गति से ड्रोन के इलेक्ट्रॉनिक्स को जला देती हैं। यह सॉफ्ट किल तकनीक से अलग है। इसका काम ड्रोनों को जाम करना, उनका पता लगाना और रोकना है।

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