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  • तालिबान का सुसाइड स्क्वायड भी तैयार, पाकिस्तानी सेना के खिलाफ शुरू हो सकते हैं आत्मघाती हमले, टेंशन में मुनीर

    काबुल: पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बॉर्डर पर तनाव काफी ज्यादा बढ़ गया है। पाकिस्तानी सेना ने कई अफगान शहरों हमले किए हैं तो तालिबान फोर्स ने बॉर्डर पर पाक आर्मी पोस्ट तबाह किए हैं। इससे पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच जंग जैसे हालात बन गए हैं। अफगान तालिबान जानता है कि पाकिस्तानी आर्मी के खिलाफ


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    By Azad Hind Desk फरवरी 27, 2026
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    काबुल: पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बॉर्डर पर तनाव काफी ज्यादा बढ़ गया है। पाकिस्तानी सेना ने कई अफगान शहरों हमले किए हैं तो तालिबान फोर्स ने बॉर्डर पर पाक आर्मी पोस्ट तबाह किए हैं। इससे पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच जंग जैसे हालात बन गए हैं। अफगान तालिबान जानता है कि पाकिस्तानी आर्मी के खिलाफ पारंपरिक युद्ध लड़ना उसके लिए मुश्किल है। ऐसे में उसने पाकिस्तान के भीतर खुदकुश हमलों और गुरिल्ला युद्ध जैसी रणनीति अपनाने के संकेत दिए हैं। इसके लिए तालिबान एक सुसाइड दस्ता बना रहा है।

    पाकिस्तानी आर्मी के हमलों के बाद अफगानिस्तान के नंगरहार प्रांत के मीडिया आउटलेट बख्तर न्यूज एजेंसी ने तस्वीर शेयर की। इस तस्वीर में एक कथित फौजी टुकड़ी नजर आ रही है। बताया गया है कि यह सुसाइड हमलावरों की बटालियन है। अफगान सुरक्षा सूत्र के हवाले से दावा किया गया है कि हमलावर विस्फोटक जैकेट और कार बमों के जरिए पाक आर्मी के बड़े ठिकानों पर हमला करने के लिए तैयार हैं।

    पाकिस्तान-अफगानिस्तान के अपने-अपने दावे

    तालिबान के डिप्टी स्पोक्सपर्सन हमदुल्ला फितरत ने बताया है कि डूरंड लाइन के अलग-अलग हिस्सों में पाकिस्तान बॉर्डर पर लड़ाई चल रही है।अफगानिस्तान के पाकिस्तान से बॉर्डर साझा करने वाले पक्तिया, पक्तिका और खोस्त जैसे प्रांतों में तालिबान की ओर से बड़े पैमाने पर हमले और सैन्य कार्रवाई चल रही है।

    गुरुवार रात से तेज हुई लड़ाई में दोनों ओर से सैड़कों लोगों के मारे जाने की खबर है। पाकिस्तान ने 133 अफगान तालिबान लड़ाकों के मारे जाने गए, 200 से ज्यादा घायल होने और 27 पोस्ट तबाह करने की बात कही है। तालिबान ने 55 पाकिस्तानी सैनिकों को मारने और 19 पोस्ट पर कब्जा करने का दावा किया है।

    सुसाइड दस्ते की तरफ क्यों जा रहा तालिबान

    एक्सपर्ट का कहना है कि अफगान सरकार के पाकिस्तान के साथ पारंपरिक युद्ध लड़ने की उम्मीद कम है। पाकिस्तान और अफगान तालिबान के बीच मिलिट्री क्षमता में बहुत ज्यादा फर्क है। ऐसे में पाकिस्तान के साथ पारंपरिक युद्ध लड़ने की बजाय तालिबान दूसरे तरीके अपनाएगा। इसी रणनीति का एक हिस्सा सुसाइड दस्ता हो सकता है।

    एनालिस्ट का कहना है कि तालिबान को गुरिल्ला युद्ध का काफी अनुभव है। इसी तरीके से लड़कर उसने अमेरिका जैसी ताकत को अफगानिस्तान छोड़ने पर मजबूर किया। ऐसे में पाकिस्तानी सेना के साथ तालिबान की रणनीति अचानक हमले और सड़क किनारे बम रखने जैसी गुरिल्ला टैक्टिक्स को आजमाती हुई नजर आ सकती है।

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