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  • तुर्की और अजरबैजान से भारतीय पर्यटकों ने फेरा मुंह, ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान का साथ देना पड़ा भारी

    नई दिल्ली: भारतीय पर्यटकों ने तुर्की और अजरबैजान जाने से मुंह मोड़ लिया है। दोनों देशों ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान का खुला समर्थन किया था। इसके बाद से भारतीय पर्यटकों ने तुर्की और अजरबैजान से दूरी बना ली है। यही कारण है कि बीते महीनों में वहां जाने वाले भारतीयों की संख्या में


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    By Azad Hind Desk जनवरी 31, 2026
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    नई दिल्ली: भारतीय पर्यटकों ने तुर्की और अजरबैजान जाने से मुंह मोड़ लिया है। दोनों देशों ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान का खुला समर्थन किया था। इसके बाद से भारतीय पर्यटकों ने तुर्की और अजरबैजान से दूरी बना ली है। यही कारण है कि बीते महीनों में वहां जाने वाले भारतीयों की संख्या में तेज गिरावट दर्ज की गई है।

    CNN-News18 को मिले आंकड़ों के मुताबिक, जून से दिसंबर के बीच अजरबैजान जाने वाले भारतीय पर्यटकों की संख्या में 63% और तुर्की जाने वालों में 34% की गिरावट आई है। आंकड़े बताते हैं कि पिछले साल जून के बाद से हर महीने दोनों देशों में भारतीय पर्यटकों की संख्या लगातार कम होती गई।

    किस देश में कितने कम हुए भारतीय पर्यटक ?

    अजरबैजान: 63% की गिरावट तुर्की: 34% की गिरावट
    जून-दिसंबर 2024 में करीब 1.53 लाख भारतीय पर्यटक पहुंचे थे, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह संख्या घटकर लगभग 57,000 रह गई। यानी भारतीय पर्यटकों में 63% की गिरावट आई। जून-दिसंबर 2024 में करीब 2.05 लाख भारतीय पर्यटक गए थे, लेकिन पिछले साल इसी अवधि में यह संख्या घटकर करीब 1.35 लाख हो गई। ऐसे में तुर्की में 34% भारतीय पर्यटक कम हो गए।

    पिछले साल भी आई थी गिरावट

    • तुर्की और अजरबैजान जाने वाले भारतीय पर्यटकों की संख्या में सिर्फ इस बार ही नहीं, बल्कि पिछले साल भी गिरावट आई थी।
    • पिछले साल मई से अगस्त के बीच अजरबैजान में भारतीय पर्यटकों की संख्या में 56% तो तुर्की में करीब 33% की कमी आई थी।
    • अजरबैजान टूरिज्म बोर्ड के आंकड़ों के मुताबिक साल 2025 में जनवरी से अप्रैल तक भारतीय पर्यटकों की संख्या में 33% की बढ़ोतरी हुई थी। लेकिन अगले चार महीनों में यह संख्या लगभग 56% तक गिर गई थी।

    पाकिस्तान का किया था समर्थन

    पिछले साल पहलगाम आतंकी हमले के बाद मई में भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव पैदा हो गया था। ऑपरेशन सिंदूर के जरिए भारत ने पाकिस्तान की पूरी आतंकी करतूत को ध्वस्त कर दिया था। भारत की तीनों सेनाओं ने मिलकर पाकिस्तान की सरजमीं पर जबरदस्त हमला किया। इस हमले में आतंकियों के ठिकाने पूरी तरह बर्बाद हो गए थे।

    जब यह हमला रुक गया तो तुर्की और अजरबैजान ने पाकिस्तान के पक्ष कई बातें की थीं। अजरबैजान ने पाकिस्तान के रुख का समर्थन किया था। वहीं तुर्की ने पहलगाम हमले की अंतरराष्ट्रीय जांच की पाकिस्तान की मांग का साथ दिया था। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान यह भी सामने आया कि पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ तुर्की में बने ड्रोन का इस्तेमाल किया था। कूटनीतिक स्तर पर भी तुर्की ने पाकिस्तान का खुला समर्थन किया, जिसके बाद भारत में ‘बॉयकॉट टर्की’ अभियान तेज हो गया।
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    ट्रैवल इंडस्ट्री ने भी किया था बहिष्कार

    तुर्की के रुख के बाद भारत में ट्रैवल सेक्टर ने भी प्रतिक्रिया दी थी। MakeMyTrip, EaseMyTrip और Cleartrip जैसे प्रमुख ट्रैवल पोर्टल्स ने तुर्की के टूर पैकेज का प्रचार न करने का फैसला किया। इससे भारतीय यात्रियों के लिए तुर्की की पहुंच और सीमित हो गई। वहीं उस समय काफी भारतीयों ने तुर्की और अजरबैजान की अपनी यात्रा कैंसिल कर दी थी।

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