द वॉर जोन की रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप दावोस के लिए VC-25A एयर फोर्स वन जेट से निकले थे लेकिन इलेक्ट्रिकल समस्या के कारण उन्हें वापस लौटना पड़ा। इसके बाद वह यूएस मरीन कॉर्प्स के VH-60N मरीन वन हेलीकॉप्टर के जरिए ज्यूरिख से दावोस पहुंचे। यहां एक मोटरकेड उनके इंतजार में था, जिसमें कम से कम दो एस्केलेड और कई शेवी सबअर्बन SUV शामिल थीं।
ट्रंप की कार पर भारी आर्मिंग
दावोस से सामने आई तस्वीरों से पता चलता है कि ट्रंप की नई एस्केलेड में भारी आर्मरिंग है, खासकर आगे की विंडशील्ड और दरवाजों के आसपास इसे काफी मजबूत बनाया गया है। इसके छत के पीछे कई एंटीना हैं, साथ ही ड्राइवर की सीट के ठीक ऊपर सामने एक एंटीना है। यह प्रेसिडेंशियल काफिले में इस्तेमाल होने वाली सीक्रेट सर्विस गाड़ियों के एडवांस सिक्योर कम्युनिकेशन सिस्टम होते हैं जो व्हाइट हाउस की कम्युनिकेशन गाड़ी रोडरनर से कनेक्ट हो सकते हैं।
सीक्रेट सर्विस एस्केलेड के बारे में बाकी जानकारी कम है। ऐसे में यह सवाल है कि ये एस्केलेड असल में कितनी नई हैं। इनकी बॉडी के एलिमेंट बाहर से अलग दिखते हैं लेकिन अंदर से सबअर्बन और एस्केलेड दशकों से एक ही कोर प्लेटफॉर्म शेयर कर रही हैं। इस एस्केलेड का नया लुक दिया गया है, जिसमें नए फ्रंट फेशिया और क्रोम एक्सेंट फीचर शामिल हैं। ये इस जेनरेशन की एस्केलेड हो सकती हैं, जिन्हें इस रोल के लिए उनके सबअर्बन मॉडल की तरह कस्टमाइज किया गया है।
अमेरिकी राष्ट्रपति की कार की खासियत
अमेरिकी सीक्रेट सर्विस ने देश के राष्ट्रपति के लिए खास तौर लिमोजीन कार डिजाइन की है। अभी तक ट्रंप जिस लिमोजिन का इस्तेमाल करते करते रहे हैं, उसे ‘द बीस्ट’ के नाम से जाना जाता है। इसका वजन 20,000 पाउंड है। इसे कैडिलैक XT6 सेडान के लंबे वर्जन जैसा दिखने के लिए बनाया गया है।इसकी कीमत का अनुमान करीब 16 15.8 मिलियन डॉलर का लगाया गया था।
इस कार को बम हमले या गोलीबारी से बचने के लिए डिजाइन किया गया है। अगर राष्ट्रपति घायल हो जाते हैं तो बीस्ट में मेडिकल सप्लाई की एक बड़ी रेंज मौजूद है, जिसमें राष्ट्रपति के ब्लड ग्रुप का खून से भरा रेफ्रिजरेटर भी शामिल है। बीस्ट के लेटेस्ट वर्जन को 2014 में सीक्रेट सर्विस ने बनवाया था। अब इसमें कुछ बदलाव की बात सामने आ रही है। हालांकि कार के बारे में सीक्रेट सर्विस कभी भी बहुत ज्यादा डिटेल नहीं देती है।













