सीआईएसएफ अधिकारियों ने लहूलुहान करने वाले आरोपी पायलट को क्यों जाने दिया
मामले में आज़ाद हिन्द द्वारा डीजी रंजन से यह पूछने पर कि इस घटना के बाद वहां मौजूद सीआईएसएफ अधिकारियों ने आरोपी पायलट सेजवाल को वहां से फ्लाइट पकड़ने से जाने क्यों दिया गया? अगर यही मामला इसके उलट होता तो क्या वहां मौजूद सीआईएसएफ के अधिकारी आरोपी यात्री को जाने देते? जवाब में डीजी ने कहा कि वहां मौजूद सीआईएसएफ के जवानों ने तुरंत एक्शन लिया। सीआईएसएफ की रिपोर्ट पर ही पुलिस एक्शन हुआ। इस मामले को लेकर सीआईएसएफ ने भी आरोपी के खिलाफ अपनी रिपोर्ट दी थी। उन्होंने कहा कि सीआईएसएफ ने अपनी तरफ से प्रीवेंटिव एक्शन लिया। इसकी जांच भी की गई थी।
दिल्ली और मुंबई समेत देश के चार एयरपोर्ट पर लगे फुल बॉडी स्कैनर
सीआईएसएफ अधिकारियों ने बताया कि दिल्ली और मुंबई समेत देश के चार एयरपोर्ट पर फुल बॉडी स्कैनर लगा दिए गए हैं। इनमें दिल्ली और मुंबई के अलावा बेंगलुरू और कोच्चिन एयरपोर्ट शामिल हैं। अधिकारियों ने बताया कि हालांकि, इन सभी को अभी ट्रायल आधार पर ही लगाया गया था। लेकिन ट्रायल के दौरान यह अपेक्षाओं पर खरे उतरे हैं। इस बारे में इन्हें एयरपोर्ट पर स्थायी रूप से लगाने के लिए ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्योरिटी (BCAS) को लिखा गया है। उम्मीद है कि जल्द ही वहां से इन्हें लगाने की एनओसी मिल जाएगी। जिसके बाद फिर इनका पूरी तरह से कमर्शियल इस्तेमाल शुरू कर दिया जाएगा। इसमें फिर और भी एयरपोर्ट जोड़े जाएंगे।
दिल्ली और मुंबई एयरपोर्ट पर लगे सीसीटीवी कैमरों में FRS
दिल्ली और मुंबई समेत देश के कुछ अन्य अति-संवेदनशील एयरपोर्ट पर सीआईएसएफ अब फेशियल रिकगनिशन सिस्टम (FRS) से लैस सीसीटीवी कैमरे लगा रही है। सीआईएसएफ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इनमें दिल्ली और मुंबई एयरपोर्ट पर इन्हें बड़ी संख्या में इंस्टॉल किया गया है। इसके लिए एआई का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। इसमें अभी लावारिस वस्तु, संदिग्ध ऑब्जेक्ट और एक ही जगह पर बड़ी देर से खड़े या बैठे शख्स को सिस्टम कंट्रोल रूम में अलर्ट भेज रहा है। लेकिन आने वाले समय में इस सिस्टम में वांटेड आतंकवादी और गैंगस्टरों के फोटो भी रिकॉर्ड में डाले जाएंगे। ताकि अगर इस तरह का कोई अराजक तत्व एयरपोर्ट परिसर में दाखिल होता है तो समय रहते ही उसका पता लग सके।
कहां लगाएंगे अग्नि वीरों को, की जा रही स्टडी
सरकार की पॉलिसी के तहत सीआईएसएफ और बीएसएफ जैसे तमाम सेंट्रल ऑर्म्ड पुलिस फोर्स में भी अग्निवीरों की भर्ती की जाएगी। अग्निवीरों का पहला बैच इस साल आएगा। जो की नेवी का होगा। अधिकारियों ने कहा कि चूंकि यह नेवी से ट्रेंड होंगे। ऐसे में इनका पोर्ट पर इस्तेमाल करना अच्छा साबित हो सकता है। हालांकि, अग्निवीरों का बेहतर इस्तेमाल किस यूनिट में किया जाएगा। इसकी स्टडी की जा रही है। जिसके बाद अग्निवरों के आने वाले बैच को सरकार की भर्ती पॉलिसी के तहत सीआईएसएफ में भी भर्ती किया जाएगा।
संसद में जानवर लाने पर है प्रतिबंध
संसद में बीते सत्र में एक सांसद द्वारा अपनी कार में डॉग को लाने के मामले में सीआईएसएफ अधिकारियों ने कहा कि रूल पॉजिशन के हिसाब से संसद में पेट लाने पर प्रतिबंध है। यह साफ है। लेकिन संसद के अपने नियमों के मुताबिक वही तय करेंगे कि ऐसे मामलों में क्या हो सकता है। सीआईएसएफ संसद की सुरक्षा में जरूर लगी है। लेकिन सीआईएसएफ के किसी भी जवान को किसी भी सांसद की जांच करने का अधिकार नहीं है। ऐसे में कोई सांसद अपने साथ या अपनी गाड़ी में क्या लाते हैं क्या नहीं? इस बारे में वह कुछ नहीं कह सकते।














