फूल-माला से स्वागत पर यूजर्स ने उठाए सवाल
एक यूजर ने दंगे की आरोपी गुलफिशा फातिमा के वेलकम पर सवाल उठाते हुए कहा कि लगता है जैसे कोई एग्जाम टॉप कर दिया। गुलफिशा फातिमा की जमानत पर जेल से रिहाई मिलने पर फूल-मालाओं से किए गए स्वागत पर एक और यूजर ने लिखा कि स्वागत तो ऐसे किया जा रहा जैसे देश के लिए गोल्ड लेकर आई है।
गुलफिशा पर UAPA के तहत केस
गुलफिशा फातिमा को सबसे पहले जाफराबाद थाना में दर्ज एक एफआईआर के तहत गिरफ्तार किया गया था। इस मामले में उन पर हत्या, दंगा, गैरकानूनी जमावड़ा और देशद्रोह जैसे गंभीर आरोप लगाए गए थे। हालांकि, दिल्ली की एक अदालत ने उन्हें इस केस में 13 मई 2020 को जमानत दे दी थी। इसके बावजूद, उनकी कानूनी मुश्किलें खत्म नहीं हुईं। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने उनके खिलाफ एक अलग मामला दर्ज किया, जिसमें उन पर गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत आरोप लगाए गए। इस केस के चलते उन्हें लंबे समय तक जेल में रहना पड़ा।
गुलफिशा समेत 4 आरोपी बरी, उमर-शरजील को झटका
पूरे मामले में अब दिल्ली की एक अदालत ने शीर्ष अदालत के निर्देशानुसार चारों आरोपियों को 2 लाख रुपये के जमानत बॉण्ड भरने और दो स्थानीय जमानतदार पेश करने के बाद रिहा करने का आदेश जारी किया। इसी के बाद गुलफिशा फातिमा तिहाड़ से बाहर आई हैं। इनके अलावा दिल्ली दंगे के 3 और आरोपियों को रिहाई मिली है। वहीं शीर्ष अदालत ने सोमवार को उमर खालिद और शरजील इमाम को राहत देने से इनकार कर दिया था।
इन 5 आरोपियों को मिली थी SC से जमानत
जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस एन. वी. अंजारिया की बेंच ने दिल्ली दंगा केस जिन पांच आरोपियों को जमानत दी। इसमें गुलफिशा फातिमा, मीरान हैदर, शिफा उर-रहमान, शादाब अहमद और मोहम्मद सलीम खान को जमानत दे दी। आरोपियों की सहभागिता की वरीयता का हवाला देते हुए कोर्ट ने कहा कि मामले में सभी आरोपी समान स्थिति में नहीं है। बेंच ने ट्रायल कोर्ट को प्रक्रिया में तेजी लाने का निर्देश भी दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने भले ही आरोपियों को जमानत दी है लेकिन कई शर्तें भी लगाई है।














