डीसीपी (क्राइम) हर्ष इंदौरा के मुताबिक, आधे घंटे से घात लगाए बदमाशों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर रतन लोहिया को मौत के घाट उतारा था, जिनकी बॉडी से 69 गोलियां निकाली गईं। सभी आरोपी फरार थे. जिससे पीड़ित परिवार पर खतरा बना हुआ था। एसआई रंधावा यादव और एएसआई सुरेंद्र को आरोपियों के द्वारका आने की सूचना मिली। एसीपी भगवती प्रसाद की देखरेख में इंस्पेक्टर कृष्ण कुमार और इंस्पेक्टर मनजीत की टीम ने मंगलवार तड़के घेराबंदी की। दो बदमाश बाइक में आते दिखे तो रुकने का इशारा किया। बदमाशों ने अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। एक गोली एसआई रंधावा की बुलटप्रूफ जैकेट पर लगी।
बदला लेने के लिए दी गई सुपारी
पुलिस की जवाबी गोलीबारी में दोनों बदमाशों के पैरों में गोलियां लगी तो उन्हें दबोच लिया गया। पुलिस पूछताछ में कमल ने बताया कि 15 मई 2025 को उसके भांजे अरुण लोहिया (24) की छतरपुर मेट्रो स्टेशन के पास गोलियां बरसाकर हत्या की गई थी। इसे रतन लोहिया के बेटे दीपक ने अंजाम दिया था। इसका बदला लेने के लिए विदेश से गैंगस्टर हिमांशु उर्फ भाऊ के साथ क्राइम सिंडिकेट चला रहे नीरज फरीदपुरिया की मदद ली। मंडोली जेल में बंद तिगांव के टेकचंद उर्फ लंगड़े के करीबी फरीदपुरिया के गुर्गे नरेंद्र उर्फ नीटू और अनुज फाइटर समेत तीन शूटरों के साथ रतन की हत्या करवा दी। वह खुद दूर कार में बैठा रहा।
कौन हैं ये गैंगस्टर
पुलिस का दावा है कि कमल दसवीं पास है, जिस पर सात केस हैं। वह ग्रेटर नोएडा के रणदीप भाटी गैंग से जुड़ा है। रणदीप को एसपी नेता चमन भाटी हत्याकांड में अक्टूबर 2023 में उम्रकैद मिली, जो मंडोली जेल में है। बड़े भाई नरेश भाटी और रणपाल भाटी के बाद रणदीप ने गैंग की कमान संभाली। दूसरी तरफ, नरेंद्र उर्फ नीटू बहादुरपुर गांव से है, जो फरीदपुरिया गिरोह का शूटर है। इस पर मर्डर समेत 21 केस हैं। पुलिस ने इनसे दो पिस्टल, 9 एमएम के 15 समेत कुल 29 कारतूस, पांच खोल और एक चोरी की बाइक बरामद की है।
भाऊ-फरीदपुरिया ने बनाया सिंडिकेट
हरियाणा का पलवल निवासी नीरज फरीदपुरिया के खिलाफ 25 से ज्यादा केस हैं, जिसके अमेरिका में होने के इनपुट हैं। वह गैंगस्टर कौशल चौधरी-बंबीहा ग्रुप से जुड़ा है। मर्डर में 2015 में उम्रकैद मिली, जो 2019 में परोल लेकर विदेश भाग गया। फरीदाबाद में कांग्रेस प्रवक्ता विकास चौधरी के जून 2019 के मर्डर और दिसंबर 2024 को दिल्ली पुलिस के पूर्व कॉन्स्टेबल मंजीत डीघल की हत्या में इसका नाम आया। पिछले साल 17 अगस्त को यू-ट्यूबर एल्विस यादव के गुड़गांव स्थित घर पर फरीदपुरिया-भाऊ ने शूटरों ने ही गोलियां चलाई थीं।
गैंगस्टर रोहित चौधरी का नाम भी आया
पुलिस मुताबिक, मृतक रतन के बेटे दीपक और अरुण दोस्त थे। दोनों में एक हजार गज की प्रॉपर्टी को लेकर विवाद हो गया। दीपक को मकोका समेत कई केसों में जमानत पर जेल से बाहर आ चुके आया नगर के गैंगस्टर रोहित चौधरी का सपोर्ट है। इसके बावजूद अरुण ने दीपक की पिटाई कर दी। इस केस की कोर्ट में सुनवाई के बाद पिता के साथ स्कॉर्पियो से लौट रहे अरुण की 15 मई 2025 को हत्या कर दी गई। इसके आरोप में दीपक जेल में है। अरुण की हत्या का बदला लेने के लिए मामा कमल अधाना ने दीपक के पिता रतन लोहिया की हत्या करवा दी। हथियार-शूटर नीरज फरीदपुरिया ने मुहैया करवाए।














