ट्रस्टेड टेक अलायंस का हिस्सा बनने वाली कंपनियों में एंथ्रोपिक, एडब्ल्यूएस, कसावा टेक्नोलॉजीज, कोहियर, एरिक्सन, गूगल क्लाउड, हनवा, भारत की जियो प्लेटफॉर्म्स, माइक्रोसॉफ्ट, नोकिया, एनस्केल, एनटीटी, रैपिडस, साब और सैप शामिल हैं। जर्मनी में आयोजित म्यूनिख सिक्योरिटी कॉन्फ्रेंस के दौरान इस एलायंस का ऐलान किया गया। यह अलायंस सीमाओं से परे जाकर कनेक्टिविटी, क्लाउड अवसंरचना, सेमीकंडक्टर से लेकर सॉफ्टवेयर और कृत्रिम मेधा (एआई) तक, एक भरोसेमंद ‘टेक्नोलॉजी स्टैक’ के साझा सिद्धांतों पर काम करने के लिए बनाया गया है।
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क्या करेगा अलायंस?
इन सिद्धांतों को यह सुनिश्चित करने के लिए तैयार किया गया है कि इस गठबंधन में शामिल कंपनियां पारदर्शिता, सुरक्षा और डेटा सुरक्षा की साझा प्रतिबद्धताओं का पालन करेंगी। इसका उद्देश्य विश्वास कायम करना और दुनिया भर के लोगों तक प्रौद्योगिकी के लाभ पहुंचाना है। एक बयान के मुताबिक, प्रौद्योगिकी बदलाव की अभूतपूर्व गति और बढ़ते जटिल माहौल के जवाब में, देश और ग्राहक अब प्रौद्योगिकी प्रदाताओं और उनकी सेवाओं में अधिक विश्वसनीयता और मजबूती की तलाश कर रहे हैं।
डिजिटल प्रौद्योगिकियों और व्यक्तियों एवं समाजों पर उनके संभावित नकारात्मक प्रभावों को लेकर भी संदेह बना हुआ है। ऐसे माहौल में, यह महत्वपूर्ण है कि इन चिंताओं को दूर करने के लिए पूरी ‘टेक स्टैक’ से जुड़ी कंपनियां एक साथ आएं। जियो प्लेटफॉर्म्स के सीईओ किरण थॉमस ने बयान में कहा कि वैश्विक स्तर पर समावेशी डिजिटल वृद्धि के लिए विश्वसनीय, सुरक्षित और पारदर्शी प्रौद्योगिकी अनिवार्य है। जियो प्लेटफॉर्म्स को तकनीकी मानकों और सत्यापन योग्य प्रथाओं को आगे बढ़ाने के लिए ‘ट्रस्टेड टेक अलायंस’ में शामिल होने पर गर्व है।’(भाषा से इनपुट के साथ)













