इस वीडियो फुटेज में जनजाति के सदस्य खाना ले जा रही एक नाव दिए जाने से पहले अपने हथियार नीचे रखते हुए दिख रहे हैं। रोसोली ने इस पर कहा कि यह विजुअल अमेजन वर्षावन के अंदर एक अनकॉन्टैक्टेड समुदाय से जुड़े दुर्लभ पल को दिखाते हैं। यह उनके जीवन के सबसे गहरे अनुभवों में से एक रहा है।
यह दुनिया में पहली बार है
रोसोली ने फ्रिडमैन से बात करते हुए कहा कि मुझे आपको यह फुटेज इसलिए दिखाना था क्योंकि यह पहले कभी नहीं देखा गया। यह दुनिया में पहली बार है। अब तक इन जनजातियों के फुटेज धुंधले होते थे। आमतौर पर पुराने कैमरों का इस्तेमाल करके दूर से कैप्चर किया जाता था। इस बार चीजें अलग रही हैं। हमने इसे बेहतर तरीके से शूट किया है।
इस क्लिप में जनजाति के सदस्य झुंड के साथ आते हैं और पानी के आसपास अजनबियों के होने के खतरे को भांपते हैं। रोसोली के मुताबिक, वे हथियारों के साथ ग्रुप बनाकर खड़े हुए थे तो उनको देखकर ये साफ समझा जा सकता है कि वे किसी हमले का सामना करने के लिए तैयार हैं। वह बहुत ध्यान से यह देखते हैं कि आसपास क्या हो रहा है।
हमले का सता रहा था डर
रोसोली ने बताया, ‘शुरू में ऐसा लगा कि यहां किसी भी पल हिंसा हो सकती है। मैं हर दिशा में देख रहा था और सोच रहा था कि तीर किसी भी तरफ से आ सकते हैं। इसके बाद अचानाक से स्थिति बदल गई। जैसे-जैसे नाव की दूरी कम हुई तो जनजाति के सदस्यों ने अपने हथियार नीचे रखने शुरू कर दिए। इसके बाद उन्होंने दौड़कर नाव से फल और खाना उठाया।’
रिसर्चर्स का अनुमान है कि दुनियाभर में 200 ऐसी जनजाति हैं, जिनसे बाहरी दुनिया का संपर्क नहीं हुआ है। ये जनजाति ब्राजील और पेरू के अमेजन वर्षावन में रहते हैं। इन समुदायों के बारे में जानकारी सैटेलाइट इमेज, हवाई निगरानी और पड़ोसी आदिवासी समूहों के बयानों से मिलती है। सीधे सामना होने पर ये बाहरी दुनिया के लोगों पर हमला करते हैं।













