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  • दुबई में प्रॉपर्टी खरीदने से परहेज कर रहे भारतीय, पिछले साल की थी जमकर खरीदारी

    नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में जारी संकट के बीच भारतीय अमीरों ने दुबई के रियल एस्टेट से फिलहाल किनारा कर लिया है। बहुत से भारतीय रईसों ने दुबई में प्रॉपर्टी खरीद रखी है। Knight Frank के मुताबिक 2024 में दुबई में हुई प्रॉपर्टी की बिक्री में भारतीयों की हिस्सेदारी छह फीसदी थी जो 2025 में


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    By Azad Hind Desk मार्च 4, 2026
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    नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में जारी संकट के बीच भारतीय अमीरों ने दुबई के रियल एस्टेट से फिलहाल किनारा कर लिया है। बहुत से भारतीय रईसों ने दुबई में प्रॉपर्टी खरीद रखी है। Knight Frank के मुताबिक 2024 में दुबई में हुई प्रॉपर्टी की बिक्री में भारतीयों की हिस्सेदारी छह फीसदी थी जो 2025 में बढ़कर 10 फीसदी हो गई। यूएई में प्रॉपर्टी साउथ मुंबई और गुरुग्राम के मुकाबले सस्ती है और वहां किराया भी अच्छा मिल जाता है। लेकिन हाल में ईरान ने जिस तरह दुबई में तबाही मचाई है, उससे एक सुरक्षित ठिकाने के रूप में इसकी छवि खराब हुई है।

    टीओआई की एक रिपोर्ट के मुताबिक पिछले कई साल से दुबई के कई जाने-माने बिल्डर्स भारतीय ग्राहकों को टारगेट कर रहे हैं। इनमें Emaar, DAMAC, Sobha, Danube, Nakheel और Dubai Holding शामिल हैं। दुबई में प्रॉपर्टीज की कीमत 2.5 से 3 करोड़ रुपये से शुरू होती हैं और इनका अच्छा-खासा किराया मिल जाता है। ये साउथ मुंबई और गुरुग्राम के मुकाबले सस्ती हैं। कई भारतीय रियल्टी कंपनियों ने भी यूएई में अपना बिजनेस शुरू किया है और वहां प्रोजेक्ट डेवलप कर रहे हैं।

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    प्रवासियों का शहर

    डेन्यूब ग्रुप के फाउंडर और चेयरमैन रिजवान साजन दुबई को लेकर ग्राहकों की चिंताओं को ज्यादा तूल नहीं देते हैं। उनका कहना है, ‘अभी रियल एस्टेट मार्केट में फंडामेंटल स्ट्रक्चरल शिफ्ट से ज्यादा सेंटिमेंट का ज्यादा प्रभाव दिख रहा है। अभी यह कहना मुश्किल है कि लंबे समय में इसका क्या प्रभाव होगा। इस तरह के घटनाक्रम से अस्थाई अनिश्चतता हो सकती है, लेकिन ओवरऑल फंडामेंटल्स मजबूत बने हुए हैं।’

    अभी रियल एस्टेट मार्केट में फंडामेंटल स्ट्रक्चरल शिफ्ट से ज्यादा सेंटिमेंट का ज्यादा प्रभाव दिख रहा है। अभी यह कहना मुश्किल है कि लंबे समय में इसका क्या प्रभाव होगा। इस तरह के घटनाक्रम से अस्थाई अनिश्चतता हो सकती है, लेकिन ओवरऑल फंडामेंटल्स मजबूत बने हुए हैं।
    रिजवान साजन, डेन्यूब ग्रुप के फाउंडर और चेयरमैन

    कई रियल एस्टेट कंपनियों के अधिकारियों ने कहा कि मौजूदा संकट का कारण बायर्स शॉर्ट टर्म में कुछ डिस्काउंट की उम्मीद कर सकते हैं लेकिन लॉन्ग टर्म में इस पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। दुबई को प्रवासियों के लिए एक सुरक्षित स्थान के रूप में देखा जाता रहा है और यहां टैक्स भी बहुत कम है। यही कारण है कि दुनिया भर से लोग यहां आते हैं। इस शहर में करीब 90% प्रवासियों की है।

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