• Business
  • दुश्मनी खत्म, दोस्ती चालू…! चीनी कंपनियों के लिए खुल सकते हैं सरकारी ठेकों के दरवाजे

    नई दिल्ली: भारत और चीन के रिश्तों पर जमी बर्फ पिघलती नजर आ रही है। दोनों देश व्यापार को लेकर एक-दूसरे के करीब आ रहे हैं। पिछले साल अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ के बाद दोनों देशों के बीच फिर से नजदीकियां बढ़ी हैं। अब भारत सरकार चीन को लेकर बड़ा फैसला ले सकती


    Azad Hind Desk अवतार
    By Azad Hind Desk जनवरी 8, 2026
    Views
    728 x 90 Advertisement
    728 x 90 Advertisement
    300 x 250 Advertisement
    नई दिल्ली: भारत और चीन के रिश्तों पर जमी बर्फ पिघलती नजर आ रही है। दोनों देश व्यापार को लेकर एक-दूसरे के करीब आ रहे हैं। पिछले साल अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ के बाद दोनों देशों के बीच फिर से नजदीकियां बढ़ी हैं। अब भारत सरकार चीन को लेकर बड़ा फैसला ले सकती है। रॉयटर्स के मुताबिक भारत चीनी कंपनियों के लिए सरकारी ठेकों के दरवाजे फिर से खोलने पर विचार कर रहा है। यह एक बड़ा बदलाव हो सकता है, क्योंकि साल 2020 से इन कंपनियों को सरकारी ठेकों से बाहर रखा गया था।

    सूत्रों के मुताबिक, वित्त मंत्रालय एक प्रस्ताव पर काम कर रहा है। इस प्रस्ताव से उन नियमों को हटाया जाएगा, जिनके तहत चीनी कंपनियों को सरकारी टेंडरों में भाग लेने से पहले एक सरकारी पैनल में अपना नाम दर्ज कराना पड़ता था और सुरक्षा मंजूरी लेनी पड़ती थी। ये नियम साल 2020 में भारत और चीन के सैनिकों के बीच हुई हिंसक झड़प के बाद लागू किए गए थे। इन नियमों की वजह से चीनी कंपनियां सरकारी परियोजनाओं से लगभग 700 से 750 अरब डॉलर के ठेकों से वंचित रह गईं।
    अमेरिका की ‘हां’ को चीन ने कैसे ‘ना’ में बदल डाला? H200 AI चिप पर नए फैसले से जन्‍मे 5 सवाल और जवाब

    पीएम मोदी देंगे अंतिम मंजूरी

    एक सूत्र ने बताया कि अधिकारी सीमावर्ती देशों के बोली लगाने वालों के लिए रजिस्ट्रेशन की आवश्यकता को खत्म करने के लिए काम कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वे इस बारे में सार्वजनिक रूप से बात करने के लिए अधिकृत नहीं हैं। दोनों सूत्रों ने बताया कि इस प्रस्ताव को अंतिम मंजूरी प्रधानमंत्री मोदी को देनी होगी।

    बैन का लंबा पड़ा असर

    इन प्रतिबंधों का तुरंत और लंबे समय तक असर पड़ा। चीन की सरकारी कंपनी CRRC को नीति लागू होने के कुछ ही महीनों बाद 216 मिलियन डॉलर के ट्रेन निर्माण ठेके के लिए बोली लगाने से रोक दिया गया था। ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन की साल 2024 की एक रिपोर्ट के अनुसार साल 2021 में चीनी कंपनियों को मिले नए प्रोजेक्ट्स का मूल्य 27% घटकर 1.67 अरब डॉलर रह गया था।

    अधिकारियों का कहना है कि जिन मंत्रालयों को अटके हुए प्रोजेक्ट्स और सप्लाई की कमी से जूझना पड़ रहा है, उनके बार-बार कहने पर इन बैन को कम करने के प्रयास तेज हुए हैं। दूसरे सूत्र ने रॉयटर्स को बताया कि कई मंत्रालयों ने अपने क्षेत्रों में प्रोजेक्ट्स को पटरी से उतार सकने वाली बाधाओं को दूर करने के लिए छूट मांगी है।

    पावर सेक्टर को ज्यादा नुकसान

    पावर सेक्टर को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। चीनी उपकरणों के आयात पर लगी पाबंदियों के कारण भारत की अगले दशक में थर्मल पावर उत्पादन क्षमता को लगभग 307 गीगावाट तक बढ़ाने की योजना धीमी हो गई है। पूर्व कैबिनेट सचिव राजीव गौबा की अध्यक्षता वाली एक उच्च-स्तरीय समिति ने भी नियमों में ढील देने का समर्थन किया है। गौबा अब एक प्रमुख सरकारी थिंक टैंक का हिस्सा हैं।

    संबंध सामान्य बनाने पर जोर

    यह संभावित बदलाव ऐसे समय में आ रहा है जब भारत और चीन अपने संबंधों को सामान्य बनाने के लिए कदम उठा रहे हैं। पिछले साल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सात साल में पहली बार चीन गए थे। उस दौरान दोनों पक्षों ने व्यावसायिक सहयोग को मजबूत करने पर सहमति व्यक्त की थी।

    इस यात्रा से पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारतीय सामानों पर 50% का दंडात्मक टैरिफ लगाया था और अमेरिका-पाकिस्तान संबंधों में सुधार हुआ था। तब से भारत और चीन ने सीधी उड़ानें फिर से शुरू कर दी हैं, और नई दिल्ली ने चीनी पेशेवरों के लिए बिजनेस वीजा की मंजूरी में तेजी लाने के लिए लालफीताशाही को कम किया है। इसके बावजूद सावधानी बरती जा रही है क्योंकि चीनी कंपनियों से प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) पर प्रतिबंध अभी भी लागू हैं।

    728 x 90 Advertisement
    728 x 90 Advertisement
    300 x 250 Advertisement

    हर महीने  ₹199 का सहयोग देकर आज़ाद हिन्द न्यूज़ को जीवंत रखें। जब हम आज़ाद हैं, तो हमारी आवाज़ भी मुक्त और बुलंद रहती है। साथी बनें और हमें आगे बढ़ने की ऊर्जा दें। सदस्यता के लिए “Support Us” बटन पर क्लिक करें।

    Support us

    ये आर्टिकल आपको कैसा लगा ? क्या आप अपनी कोई प्रतिक्रिया देना चाहेंगे ? आपका सुझाव और प्रतिक्रिया हमारे लिए महत्वपूर्ण है।