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  • दुश्मन की खैर नहीं! 114 राफेल लड़ाकू विमानों की खरीद को मंजूरी, राजनाथ सिंह का बड़ा फैसला

    नई दिल्ली: भारतीय वायुसेना और नौसेना की ताकत में इजाफा करने के लिए रक्षा अधिग्रहण परिषद ने 114 राफेल लड़ाकू विमान और छह P-81 समुद्री गश्ती विमानों की खरीद के लिए मंजूरी दे दी है। गुरुवार को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह फैसला लिया गया। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, गुरुवार


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    By Azad Hind Desk फरवरी 12, 2026
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    नई दिल्ली: भारतीय वायुसेना और नौसेना की ताकत में इजाफा करने के लिए रक्षा अधिग्रहण परिषद ने 114 राफेल लड़ाकू विमान और छह P-81 समुद्री गश्ती विमानों की खरीद के लिए मंजूरी दे दी है। गुरुवार को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह फैसला लिया गया।

    मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, गुरुवार को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में भारतीय वायुसेना के लिए 114 राफेल लड़ाकू विमानों की खरीद के लिए मंजूरी दे दी है। इस सौदे की कुल कीमत लगभग 3.25 लाख करोड़ रुपए बताई जा रही है। इसके साथ ही परिषद ने भारतीय नौसेना की ताकत में इजाफा के लिए छह P-81 समुद्री गश्ती विमानों की खरीद को भी मंजूरी दी है। हालांकि रक्षा अधिग्रहण परिषद की मंजूरी के बाद इस सौदे को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी से भी मंजूरी लेनी होगी।

    रक्षा अधिग्रहण परिषद का यह फैसला ऐसे समय में आया है, जब भारतीय वायुसेना विमानों की भीषण कमी से जूझ रही है। वायुसेना के पास लड़ाकू विमानों की इस समय महज 29 स्क्वाड्रन ही शेष बची हैं।

    भारत में ही बनाए जाएंगे 96 विमान

    इस प्रस्ताव के अनुसार, भारत फ्रांस की कंपनी डसॉल्ट एविएशन से 18 राफेल विमान सीधे खरीदेगा। बाकी 96 विमान भारत में ही बनाए जाएंगे। इनमें से कुछ विमान दो सीट वाले होंगे, जिनका उपयोग पायलटों को ट्रेनिंग देने के लिए किया जाएगा। इस डील में आधुनिक तकनीक भारत को देने और ‘मेक इन इंडिया’ को बढ़ावा देने की बात भी शामिल है।

    नौसेना ने भी दिया है राफेल विमानों का ऑर्डर

    भारतीय वायुसेना के के बेड़े में पहले से ही दो स्क्वाड्रनों में 36 राफेल विमान शामिल हैं, जिनमें से ‘सी’ वेरिएंट की अंतिम डिलीवरी दिसंबर 2024 में हुई थी। इसके अलावा भारतीय नौसेना ने भी ‘एम’ वेरिएंट के 26 राफेल विमानों का ऑर्डर भी दिया गया है, जिनकी कीमत करीब 63,000 करोड़ रुपए है।

    नौसेना के ये राफेल विमान आईएनएस विक्रांत और आईएनएस विक्रमादित्य विमानवाहक पोत से उड़ान भरेंगे। इस सौदे में विमानों की मरम्मत, रखरखाव, जरूरी सामान और कर्मचारियों की ट्रेनिंग की व्यवस्था भी शामिल है।

    ऑपरेशन सिंदूर में हुआ था राफेल विमानों का इस्तेमाल

    राफेल विमानों का इस्तेमाल भारत ने पिछले साल मई में हुए पहलगाम आतंकी हमले के बाद ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में किया था, जिसमें पाकिस्तान के ठिकानों पर सटीक हमले किए गए थे। राफेल विमानों का इस्तेमाल स्कैल्प (एससीएएलपी) मिसाइल को लॉन्च करने के लिए किया गया था, जो 250 किलोमीटर से ज्यादा दूर तक बहुत सटीक हमला कर सकती है। इसके अलावा यह मेटियोर हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइल, हैमर हथियार, स्पेक्ट्रा इलेक्ट्रॉनिक युद्ध प्रणाली और आधुनिक रडार से भी लैस है।

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