गिरफ्तार आरोपियों की पहचान पश्चिम बंगाल के मालदा निवासी उमर फारुक (31), बांग्लादेश के ठाकुरगांव निवासी रोबिउल इस्लाम (31), बोगुरा निवासी मोहम्मद मिजानुर रहमान (32), झलकाठी निवासी मोहम्मद सैफायत हुसैन (34), बोगुरा निवासी मोहम्मद जाहिदुल इस्लाम (40), मोहम्मद लिटन (40), मोहम्मद उज्जवल ( 27 ) और उमर (32) के रूप में हुई है।
खुलसे के कारण टल गया आतंकी हमला
स्पेशल सेल के अडिशनल सीपी प्रमोद सिंह कुशवाहा ने रविवार को बताया कि बांग्लादेश में बैठे लश्कर के हैंडलर शब्बीर अहमद लोन के निर्देश पर यह मॉड्यूल भारत में बड़ा आतंकी हमला करने की योजना बना रहा था। इसके लिए कई राज्यों में भीड़ वाली कई जगहों की रेकी भी कर ली गई थी। आरोपियों के पास से बरामद उनके मोबाइल में इसके विडियो भी बरामद हुए हैं। समय रहते मॉड्यूल के खुलासे से बड़ा आतंकी हमला टल गया है। पुलिस ने आरोपियों के पास से 12 मोबाइल फोन और सिम कार्ड बरामद किए हैं।
CISF के जवानों ने मेट्रो पुलिस को दी खबर
दरअसल, मॉड्यूल का खुलासा 7 फरवरी को दिल्ली में लगे देश विरोधी पोस्टर से हुआ। कुछ लोगों ने कश्मीरी गेट बस अड्डा और मेट्रो स्टेशन के पास देश-विरोधी पोस्टर लगा दिए। CISF के जवानों ने इनको देखकर मेट्रो पुलिस को खबर दी। मेट्रो पुलिस ने मामला दर्ज कर छानबीन शुरू की। जांच में पोस्टर लगाने वाले आरोपियों के आने-जाने के रूट का मेट्रो पुलिस ने पता लगाया। आरोपी पोस्टर लगाने के बाद कोलकाता भागे थे। 13 फरवरी को केस स्पेशल सेल को ट्रांसफर हुआ। टीम कोलकाता पहुंची। लोकल पुलिस की मदद से सेल ने उमर फारूक और रबि-उल-इस्लाम को दबोच लिया।














