बिना लक्षण के बढ़ती है ये बीमारी
चिंताजनक बात यह है कि यह बीमारी अक्सर बिना लक्षण के बढ़ते रहता है और देर से पता चलने पर गंभीर लिवर डेमेज का कारण इसी महीने ‘द लैंसर्ट रिजनल बन सकती है। यह रिपोर्ट हेल्थ-साउथईस्ट एशिया’ में प्रकाशित की गई है। इस अध्ययन में देश के 27 शहरों के प्रतिभागियों का विश्लेषण किया गया है। अध्ययन के मुताबिक 38.9% प्रतिभागियों में फैटी लिवर के संकेत पाए गए। इनमें से 6.3% लोगों में लिवर फाइब्रोसिस, यानी लिवर में शुरुआती स्तर की स्थायी डेमेज के लक्षण मिले, जो आगे चलकर सिरोसिस या लिवर कैंसर का खतरा बढ़ा सकते हैं।
दिल्ली से आए चौंकाने वाले आंकड़े
दिल्ली के आंकड़े और भी चिंताजनक हैं। यहां 41.3% लोगों में फैटी लिवर पाया गया, जबकि 4.5% आबादी में फाइब्रोसिस के संकेत दर्ज किए गए। कुछ अन्य शहरों में स्थिति और गंभीर दिखी। भोपाल में 51.8% और श्रीनगर में 54.4% लोगों में यह समस्या मिली। स्टडी में बताया गया कि सामान्य बॉडी मास इंडेक्स (BMI) वाले कई लोगों में भी यह बीमारी विकसित हो रही है। विशेषज्ञों के मुताबिक इसका कारण शरीर के अंदर जमा होने वाली विसरल फैट है, जो बाहर से दिखाई नहीं देती, लेकिन मेटाबॉलिक जोखिम बढ़ाती है।














