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  • दोस्त चीन भी नहीं कर पाएगा मदद, प्यास से तड़पेंगे पाकिस्तानी, भारत का रावी नदी पर बड़ा एक्शन

    नई दिल्ली: पानी के संकट को लेकर जूझ रहे पाकिस्तान की मुश्किलें अब और बढ़ने वाली हैं। सिंधु जल समझौता निरस्त करने के बाद अब भारत रावी नदी के अतिरिक्त पानी को पूरी तरह से बंद करने की तैयारी में हैं। 31 मार्च तक शाहपुर कंडी बांध के पूरा होने की उम्मीद है, जिसके बाद


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    By Azad Hind Desk फरवरी 18, 2026
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    नई दिल्ली: पानी के संकट को लेकर जूझ रहे पाकिस्तान की मुश्किलें अब और बढ़ने वाली हैं। सिंधु जल समझौता निरस्त करने के बाद अब भारत रावी नदी के अतिरिक्त पानी को पूरी तरह से बंद करने की तैयारी में हैं। 31 मार्च तक शाहपुर कंडी बांध के पूरा होने की उम्मीद है, जिसके बाद पाकिस्तान को मिलने वाला अतिरिक्त पानी को रोका जाएगा।

    अभी तक भारत की रावी नदी का अतिरिक्त पानी बिना किसी रोकटोक के सीधे पाकिस्तान जाता था। लेकिन अब शाहपुर कंडी डैम के शुरू हो जाने से इस अतिरिक्त पानी को रोका जाएगा, जिससे सिंधु नदी समझौता रद्द होने के बाद पानी की चुनौतियों का सामना कर रहे इस्लामाबाद की मुश्किलें और बढ़ना तय हैं।

    पाकिस्तान को नहीं दिया जाएगा अतिरिक्त पानी

    जम्मू-कश्मीर के जल संसाधन मंत्री जावेद अहमद राणा ने बताया कि यह कदम कठुआ और सांबा जिलों के सूखे इलाकों की सिंचाई के लिए उठाया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि रावी नदी का अतिरिक्त पानी पाकिस्तान को किसी भी हाल में नहीं दिया जाएगा। इसे रोकना ही होगा।

    पाकिस्तान की चिंता हम क्यों करें..

    शाहपुर कंडी बांध के चालू के होने के बाद पाकिस्तान पर इसका असर क्या पड़ेगा? जब यह सवाल राणा से किया गया तो उन्होंने कहा, पाकिस्तान की चिंता क्यों करते हो? वो एक सीमांत मौजूदगी हो। उन्हें अपने द्वारा उत्पन्न की गई परेशानियों का सामना खुद ही करना होगा।

    सिंधु जल समझौत निरस्त

    पिछले साल अप्रैल में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान को आतंकवाद का समर्थक बताते हुए सिंधु जल समझौते को निरस्त कर दिया था। हालांकि पाकिस्तान ने इसका विरोध किया। साथ ही भारत पर अपनी नदियों को सुखाने का आरोप लगाया था। वहीं शाहपुर कंडी बांध द्वारा पानी रोके जाने के बाद पाकिस्तान यह राग नहीं अलाप पाएगा क्योंकि भारत को रावी नदी का अधिकार प्राप्त है। साथ ही उसका दोस्त चीन भी किसी प्रकार की मदद नहीं कर पाएगा।

    पाकिस्तान की दोस्त चीन भी नहीं कर पाएगा मदद

    साल 1960 में विश्व बैंक की मध्यस्थता में हुई सिंधु समझौते के तहत 6 नदियों का विभाजन किया गया था। इस समझौते के तहत भारत को पूर्वी नदियों सतलुज, ब्यास और रावी नदियों के जल का असीमित उपयोग करने की अनुमति दी गई थी। वहीं पाकिस्तान को सिंधु, झेलम और चिनाब जैसे पश्चिमी नदियों का अधिकार दिया गया था। हालांकि, भारत ने वर्षों से पूर्वी नदियों से पाकिस्तान की ओर बहने वाला अतिरिक्त पानी नहीं रोका।

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