बीजेपी आईटी सेल के हेड अमित मालवीय ने सोमवार को सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, केरल स्टोरी 2 महज एक फिल्म नहीं बल्कि यह एक चेतावनी है। उन्होंने कहा, सालों तक कई लोगों ने लव जिहाद को एख मिथक मानकर खारिज कर दिया। फिर भी प्रेम और धर्म के नाम पर युवा महिलाओं के साथ होने वाले दुर्व्यवहार, दबाव, कट्टरपंथीकरण और तस्करी की अनगिनत कहानियां सामने आई हैं। बीजेपी नेता ने कहा, ये कोई षड्यंत्र नहीं है, बल्कि उन वास्तविक परिवारों के जीए अनुभव है, जिन्होंने चुपचाप पीड़ा सहन की है।
वास्तविक घटनाओं से प्रेरित फिल्म: BJP
अमित मालवीय ने कहा, केरल स्टोरी उन कहानियों को राष्ट्रीय स्तर पर सामने लाया है, जिन्हें लंबे समय से नजरअंदाज या दबा दिया गया था। फिल्म ने वास्तविक जीवन की घटनाओं से प्रेरित होने का दावा किया और यही कारण कि इतने लोगों को झकझोर दिया।
असहज सच्चाई को दिखाने पर प्रतिरोध का सामना करना पड़ता है…
द केरल स्टोरी 2 के खिलाफ हो रहे विरोध पर अमित मालवीय ने कहा, जब सिनेमा असहज सच्चाईयों को दिखाने का साहस करता है, तो उसे प्रतिरोध का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा, यह फिल्म कट्टरता और संगठित शोषण के नेटवर्क को उजागर करना जारी रखती है, तो यह एक बार फिर बहस को जन्म देगी। लेकिन लोकतंत्र में बहस आवश्यक है, जागरूकता नफरत नहीं है।
बीजेपी नेता ने कहा, कमजोर नागरिकों की सुरक्षा सांप्रदायिकता नहीं है। गुस्से से सच्चाई को दबाया नहीं जा सकता है, यह कहानी बताई जानी चाहिए।
द केरल स्टोरी 2 पर विवाद क्यों ?
- इस फिल्म पर केरल की छवि खराब करने का आरोप
- फिल्म में केरल को लव जिहाद का हब दिखाए जाने का आरोप
- केरल की सेकुलर परंपरा और सामाजिक सद्भाव को नुकसान पहुंचाने का आरोप
- ट्रेलर में हिंदू लड़की को शादी के बाद जबरन बीफ खिलाने का सीन, जिसे प्रोपगैंडा बताया गया
- फिल्म के फैक्ट पर सवाल
- केरल में CPI(M) और कांग्रेस (UDF) ने इसे BJP-RSS का एजेंडा बताया
- हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर रिलीज पर रोक की मांग
- केरल विधानसभा चुनाव से पहले वोटों के ध्रुवीकरण का आरोप
माकपा ने बताया दुष्प्रचार करने वाली फिल्म
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के राज्यसभा सदस्य जॉन ब्रिटास ने कहा कि ‘द केरल स्टोरी 2’ ‘दुष्प्रचार’ करने वाली फिल्म है जिसका उद्देश्य राज्य में आगामी विधानसभा चुनावों से पहले ध्रुवीकरण पैदा करना है। उन्होंने सवाल किया कि क्या भाजपा के स्थानीय नेता ‘बीफ’ पर प्रतिबंध की मांग करने की हिम्मत करेंगे। फिल्म के ‘प्रोमो’ में एक महिला को जबरन बीफ खिलाते हुए दिखाए जाने से विवाद खड़ा हो गया है। इस दृश्य को लेकर फिल्म को अदालत में चुनौती दी गई है।
विपक्ष ने फिल्म को चुनाव से जोड़ा
ब्रिटास ने आरोप लगाया कि यह फिल्म, चुनाव से पहले मतदाताओं का ध्रुवीकरण करने और केरल को बदनाम करने के राजनीतिक प्रयास का हिस्सा है। हालांकि, उन्होंने कहा कि वह इस पर प्रतिबंध के पक्ष में नहीं हैं। उन्होंने कहा, ‘यह दुष्प्रचार वाली फिल्म है। इसे थिएटर में देखने के बजाय नाली में डाल दिया जाना चाहिए।’













