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  • ना मास्क ना कोई ट्रीटमेंट.. लाख कोशिशों के बाद भी नहीं मिली ग्लास स्किन? डॉ. किरण से समझो ये मिलेगी भी या नहीं?

    ग्लास स्किन ये एक ऐसा ट्रेंड है, जो कोरिया से शुरू होकर देश ही नहीं पूरी दुनिया में फैल गया है। भारत ही नहीं, दुनिया के कोने-कोने में रहने वाले लोगों की दिली ख्वाहिश बन चुका है। अब आप कहेंगे कि ऐसा कौन सा ट्रेंड है, जिसका बोलबाला भारत ही नहीं पूरी दुनिया में फैला


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    By Azad Hind Desk जनवरी 8, 2026
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    ग्लास स्किन ये एक ऐसा ट्रेंड है, जो कोरिया से शुरू होकर देश ही नहीं पूरी दुनिया में फैल गया है। भारत ही नहीं, दुनिया के कोने-कोने में रहने वाले लोगों की दिली ख्वाहिश बन चुका है। अब आप कहेंगे कि ऐसा कौन सा ट्रेंड है, जिसका बोलबाला भारत ही नहीं पूरी दुनिया में फैला हुआ है? तो इस बात का जवाब ग्लास स्किन ट्रेंड हर कोई अपनी त्वचा को शीशे सा चमकाना चाहता है। बता दें कि भारत में ये ग्लास स्किन ट्रेंड भले ही अब शुरू हुआ है, लेकिन चमकती त्वचा का कांसेप्ट हमारे यहां बहुत पुराना है। भारतवासियों के दिल और दिमाग में खूबसूरती की परिभाषा ही साफ और चमकती त्वचा है। यहां हर कोई अपनी त्वचा को चमकाना चाहता है। अब सवाल उठता है कि त्वचा को चमकाएं कैसे?

    कैसे पा सकते हैं ग्लास स्किन?

    आमतौर पर लोग ग्लास स्किन पाने के लिए कई तरह के कोरियन प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करते हैं। अगर आप ये सोच रहे हैं कि इंडिया से लोग कोरिया जाकर इन प्रोडक्ट्स को खरीद रहे हैं, तो ये पूरी तरह से गलत नहीं है। कई लोग असल में कोरिया जाते हैं, तो वहां से सूटकेस भरकर स्किन केयर प्रोडक्ट्स लेकर आते हैं। बता दें कि कोरिया स्किन केयर का हब बन चुका है, लोगों को यहां से तरह-तरह के ऐसे प्रोडक्ट्स भी मिल जाते हैं, जिनके बारे में किसी को कुछ खास पता भी नहीं होता है। इसके अलावा, कदेश में बढ़ती कोरियन प्रोडक्ट्स की डिमांड देखते हुए यहां कई स्टोर खोले जा चुके हैं, जो कोरिया के प्रोडक्ट्स हम तक पहुंचाते हैं।

    घरेलू नुस्खों से भी होगा फायदा?

    जी हां, प्रोडक्ट्स का मिलना तो फिर भी आम बात है, लेकिन आप भारत में बैठकर कोरियन क्लीनिकल ट्रीटमेंट्स भी करवा सकते हैं। हालांकि, इसमें खर्चा बहुत होता है। अगर आप सस्ते विकल्प चाहते हैं, तो लोग चावल के पानी को चेहरे पर रगड़ लेते हैं। उनका मानना है कि चावल का पानी ही वो खास इंग्रेडिएंट होता है, जो ग्लास स्किन दिलाने में मदद कर सकता है। वहीं, अगर रिजल्ट्स की बात करें, तो प्रोडक्ट्स और नुस्खे दोनों ही इंसान को कोरियन ग्लास स्किन नहीं दिलवाते हैं। क्या हम भारतीयों को ग्लास स्किन मिल सकती है? आइए डॉक्टर किरण से जान लेते हैं।

    डॉक्टर ने क्या कहा?

    डर्मेटोलॉजिस्ट डॉक्टर किरण सेठी ने कहा कि भारत में बहुत से लोग ग्लास स्किन चाहते हैं। मगर उन्हें ये बात समझनी होगी कि कोरियन लोगों की तुलना में हम भारतीयों की त्वचा ज्यादा मोटी है, इसलिए उतनी ट्रांसपेरेंसी नहीं होती है। यहां ध्यान रखने वाली बात ये है कि कोरियाई त्वचा में कम पोर्स होते हैं और वे कम तेल बनाते हैं। वहीं, भारत में हमारी त्वचा मोटी, ऑयली, ज्यादा पसीने वाली और प्रदूषण का सामना कर रही होती है। हम पहले से ही बैकफुट पर हैं। ऐसे में त्वचा में कोरियन चमक लेकर आना मुश्किल हो सकती है। डॉक्टर ने आखिर में कहा कि हम चिकनी त्वचा, समान त्वचा, ज्यादा पोर्स वाली और हाइड्रेटेड त्वचा पा सकते हैं। मगर आपको कोरियन जैसी त्वचा पाने के सपने नहीं देखने चाहिए।

    (डिस्क्लेमर: लेख में दिए गए नुस्खे की जानकारी व दावे पूरी तरह से इंस्टाग्राम पर प्रकाशित वीडियो पर आधारित हैं। आज़ाद हिन्द इसकी सत्यता, सटीकता और असर की जिम्मेदारी नहीं लेता है। किसी भी तरह के नुस्खे को आजमाने से पहले किसी एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।)

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