वेस्टइंडीज ने की थी वापसी की पड़ताल
क्रिकेट वेस्टइंडीज के क्रिकेट निदेशक माइल्स बासकोम्बे ने पुष्टि की है कि बोर्ड ने 7 फरवरी से शुरू होने वाले इस महाकुंभ के लिए सबसे मजबूत टीम उतारने के इरादे से पूरन से संपर्क किया था। बासकोम्बे ने कहा, ‘हमने यह सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास किया कि वेस्टइंडीज का प्रतिनिधित्व सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी करें। हमने वापसी की संभावनाओं की पूरी पड़ताल की, लेकिन पूरन अपने फैसले पर कायम रहकर खुश हैं।’ उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पूरन ने विश्व कप को ध्यान में रखते हुए ही संन्यास का निर्णय लिया था।
कैरेबियाई बल्लेबाजी में खलेगी पूरन की कमी
निकोलस पूरन दुनिया के सबसे खतरनाक टी20 बल्लेबाजों में से एक माने जाते हैं। कुछ ही गेंदों में मैच का पासा पलटने की उनकी क्षमता और आक्रामक शैली वेस्टइंडीज की सबसे बड़ी ताकत रही है। उनके संन्यास से टीम के मध्यक्रम में एक ऐसा खालीपन आ गया है जिसे भरना आसान नहीं होगा, खासकर तब जब विश्व कप भारत और श्रीलंका की पिचों पर खेला जाना है जहां स्पिन के खिलाफ पूरन जैसे खिलाड़ियों की भूमिका अहम होती है।
फ्रेंचाइजी क्रिकेट में एक्टिव हैं पूरन
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कहने के बावजूद पूरन दुनिया भर की टी20 लीगों में लगातार रन बना रहे हैं। उनकी शानदार फॉर्म को देखते हुए ही बोर्ड उन्हें वापस लाने के लिए बेताब था। अब जबकि पूरन की वापसी की उम्मीदें खत्म हो गई हैं, वेस्टइंडीज को उभरती हुई प्रतिभाओं और टीम में सक्रिय अनुभवी खिलाड़ियों पर ही निर्भर रहना होगा। टी20 विश्व कप नजदीक है और वेस्टइंडीज की टीम अफगानिस्तान के खिलाफ आगामी सीरीज के बाद अपनी योजनाओं को अंतिम रूप देगी। टीम प्रबंधन अब युवाओं और अनुभव के एक नए संतुलन की तलाश में है। पूरन का न होना निश्चित रूप से एक झटका है, लेकिन यह निकोलस स्मिथ जैसे युवा खिलाड़ियों के लिए एक बड़ा मंच साबित हो सकता है जहां वे खुद को साबित कर सकें।














