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  • निकोलस मादुरो के बाद आखिर किसके हाथ में है सत्ता? ट्रंप के बयान से परेशान वेनेजुएला के लोग

    काराकास: अमेरिकी सेना के वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को पकड़कर देश से बाहर ले जाए जाने के बाद शनिवार को देश के लोग यह समझने के लिए परेशान रहे कि उनके राष्ट्र की बागडोर आखिर किसके हाथ में है। मादुरो ने 2.9 करोड़ की आबादी वाले इस राष्ट्र में असफल तख्तापलट के एक प्रयास,


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    By Azad Hind Desk जनवरी 4, 2026
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    काराकास: अमेरिकी सेना के वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को पकड़कर देश से बाहर ले जाए जाने के बाद शनिवार को देश के लोग यह समझने के लिए परेशान रहे कि उनके राष्ट्र की बागडोर आखिर किसके हाथ में है। मादुरो ने 2.9 करोड़ की आबादी वाले इस राष्ट्र में असफल तख्तापलट के एक प्रयास, कई सैन्य विद्रोहों, बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शनों और आर्थिक प्रतिबंधों का सामना किया था।

    वेनेजुएला की राजधानी काराकस के निवासी जुआन पाब्लो पेट्रोन ने पूछा कि आखिर कल क्या होगा, ये समझ से परे है। जैसे ही शहर में दहशत फैली, सड़कें तुरंत सुनसान हो गईं, सिवाय सुपरमार्केट और पेट्रोल पंपों के, जहां लोग लंबी कतारों में खड़े दिखे। इस बीच देश की बागडोर को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक चौंकाने वाला बयान दिया है कि वेनेजुएला पर अमेरिका नियंत्रण कर लेगा और ऐसा मादुरो के सबसे भरोसेमंद सहयोगियों में से एक के साथ मिलकर किया जाए।

    रोड्रिगेज को कमान!

    वेनेजुएला में राष्ट्रपति की दौड़ में अगली उम्मीदवार और साल 2018 से उपराष्ट्रपति पद संभाल रहीं डेल्सी रोड्रिगेज राष्ट्र की तेल पर निर्भर अर्थव्यवस्था के साथ-साथ इसकी कुख्यात खुफिया सेवा का काम भी देखती हैं। शनिवार को वेनेजुएला के उच्च न्यायालय ने उन्हें राष्ट्रपति का पद अंतरिम रूप से संभालने का आदेश दिया।

    ट्रंप ने पत्रकारों से रोड्रिगेज के बारे में कहा कि वह वेनेजुएला को फिर से महान बनाने के लिए जो कुछ भी आवश्यक समझती हैं, वह करने को तैयार हैं। रोड्रिगेज को वेनेजुएला के लोकतंत्र को कमजोर करने में कथित भूमिका के लिए ट्रंप के पहले कार्यकाल के दौरान अमेरिकी प्रतिबंधों का सामना करना पड़ा था।

    मारियो को समर्थन नहीं

    ट्रंप ने कहा कि विपक्षी नेता एवं पिछले साल नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित मारिया कोरिना मचाडो के पास देश चलाने के लिए आवश्यक समर्थन नहीं है। उन्होंने कहा कि रोड्रिगेज ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो के साथ लंबी बातचीत की। ट्रंप के दावे के अनुसार उन्होंने कहा कि हम आपकी हर ज़रूरत पूरी करेंगे।’’

    ट्रंप ने कहा कि मुझे लगता है कि वह बहुत ही विनम्र हैं। हम यह जोखिम नहीं उठा सकते कि कोई और वेनेज़ुएला की सत्ता संभाले जो वेनेज़ुएला के लोगों के हितों को ध्यान में न रखे। वेनेजुएला के अधिकारी सैन्य अभियान में बच गए और कम से कम फिलहाल तो वे अपने पदों पर काबिज हैं। इस बात का तत्काल कोई संकेत नहीं मिला कि अमेरिका वेनेजुएला की सरकार का संचालन कर रहा है।

    मादुरो की रिहाई की मांग

    अदालत के आदेश से पहले रोड्रिगेज ने मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस की तत्काल रिहाई की मांग की तथा अमेरिकी अभियान की निंदा करते हुए इसे संयुक्त राष्ट्र चार्टर का घोर उल्लंघन बताया। रोड्रिगेज ने कहा कि इस देश में केवल एक ही राष्ट्रपति हैं, और उनका नाम निकोलस मादुरो है। ट्रंप ने संकेत दिया कि संविधान में उल्लिखित सत्ता हस्तांतरण प्रक्रिया के अनुसार, रोड्रिगेज पहले ही वेनेजुएला की राष्ट्रपति के रूप में शपथ ले चुकी है लेकिन सरकारी टीवी ने शपथग्रहण समारोह का प्रसारण नहीं किया।

    रोड्रिगेज के टीवी पर प्रसारित भाषण के दौरान, उनके नाम के साथ ‘उपराष्ट्रपति’ ही लिखा गया था। उन्होंने अमेरिका के साथ सहयोग करने का कोई संकेत नहीं दिया। उन्होंने टिप्पणी के लिए किए गए अनुरोध का तुरंत जवाब नहीं दिया। वेनेजुएला के संविधान में यह भी कहा गया है कि राष्ट्रपति की अनुपस्थिति की स्थिति में एक महीने के भीतर नए चुनाव कराए जाने चाहिए।

    कौन हैं रोड्रिगेज

    रोड्रिगेज ब्रिटेन और फ्रांस में पढ़ीं वकील हैं। उनके भाई जॉर्ज रोड्रिगेज मादुरो-नियंत्रित नेशनल असेंबली के प्रमुख हैं। उनके पिता समाजवादी नेता थे जिनकी 1970 के दशक में पुलिस हिरासत में मृत्यु हो गई थी। मादुरो के करीबी लोगों में से कई पर अमेरिका में आपराधिक आरोप लगाए गए हैं, लेकिन रोड्रिगेज भाई-बहन के साथ ऐसा नहीं हुआ। डेल्सी रोड्रीगेज के तेल उद्योग और ‘वॉल स्ट्रीट’ से जुड़े रिपब्लिकन नेताओं के साथ मज़बूत संबंध हैं। वॉल स्ट्रीट अमेरिका में वित्त और शेयर बाजार का केंद्र है।

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