बेंजामिन नेतन्याहू ने पीएम मोदी के दौरे से पहले नेतन्याहू ने रविवार को एक नया क्षेत्रीय गुट बनाने की योजना बताई थी, जिसे उन्होंने ‘हेक्सागन ऑफ अलायंस’ नाम दिया है। नेतन्याहू ने इस गुट में इजरायल के साथ भारत, ग्रीस और साइप्रस होने की बात कही। साथ ही कुछ अरब, अफ्रीकी और एशियाई देशों के शामिल होने की बात कही, जिनका नाम उन्होंने नहीं लिया। नेतन्याहू ने उन्होंने कहा कि यह अलायंस मिलकर इस्लामिल कट्टरपंथी दुश्मनों के खिलाफ लड़ेगा।
मुस्लिम दुनिया को बांटने की कोशिश
हेक्सागन ऑफ अलायंस को लेकर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ताहिर अंद्राबी ने कहा, ‘पाकिस्तान की सीनेट ने मंगलवार को नेतन्याहू की टिप्पणियों को खारिज करते हुए एकमत से प्रस्ताव पारित किया है। पाकिस्तान की सीनेट से पास हुए प्रस्ताव में इस तरह की बातों और मुस्लिम एकता को कमजोर करने की कोशिशों की कड़ी निंदा की गई है।’
पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ताहिर अंद्राबी ने आगे कहा, ‘हम कब्जा करने वाली ताकत के नेतृत्व के इन भड़काने वाले कदमों और बयानों की निंदा करते रहेंगे, जो इलाके की शांति और स्थिरता के लिए खतरा हैं। मुस्लिम दुनिया को सांप्रदायिक आधार पर बांटने की कोशिशें नेतन्याहू की एक नापाक चाल है। उनकी इस चाल को पूरा नहीं होने दिया जाएगा।’
इजरायल और भारत के रिश्ते पर नजर
इजरायल के साथ भारत के बढ़ते रक्षा संबंधों पर ताहिर अंद्राबी ने कहा कि पाकिस्तान ऐसे सहयोग से होने वाले खतरों को जानता है। हम इजरायल और इंडिया के बीच डिफेंस रिश्तों पर नजर रख रहे हैं। यह मुमकिन है कि कुछ सिस्टम और प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल इंडिया ने पहले भी पाकिस्तान के खिलाफ किया होगा।
अंद्राबी ने आगे कहा, ‘हम उन खतरों से वाकिफ हैं, जो वे हमारी सिक्योरिटी, सॉवरेनिटी और टेरिटोरियल इंटीग्रिटी के साथ-साथ रीजनल शांति और स्टेबिलिटी के लिए पैदा करते हैं। हम बताना चाहते हैं कि पाकिस्तान ने दुश्मन ताकतों के किसी भी संभावित हमले को रोकने के लिए मजबूत मिलिट्री तैयारी बनाकर रखी है।’












