रॉयटर्स के मुताबिक, बालेन शाह ने बीते तीन साल में नेपाल की राजनीति में बहुत तेजी से पहचान बनाई है। साल 2022 में राजधानी काठमांडू के मेयर बनकर राजनीति में धमाकेदार तरीके से कदम रखने वाले शाह को 5 मार्च को होने वाले आम चुनाव के बाद नेपाल के अगले प्रधानमंत्री बनने की रेस में सबसे आगे माना जा रहा है।
बालेन शाह की लोकप्रियता
नेपाल चुनाव पर बहुत भरोसेमंद ओपिनियन पोल नहीं आए हैं लेकिन चार पॉलिटिकल एनालिस्ट और लोकल मीडिया बालेन को पारंपरिक पॉलिटिकल एलीट को किनारे करते हुए प्रधानमंत्री पद के लिए सबसे आगे बता रहे हैं। काठमांडू यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर बिपिन अधिकारी का कहना है कि बालेन शाह इतने पॉपुलर हैं कि काठमांडू को उनका शहर बताने वाले पोस्टर बसों पर दिखना आम बात है।
बिपिन का कहना है, ‘अगर बालेन शाह सत्ता में आ जाते हैं तो यह उस आदमी के लिए बड़ी बढ़त होगी, जो रैप म्यूजिक से राजनीति में आया और अपनी पॉपुलैरिटी का इस्तेमाल करके सबसे ऊंचे पद तक पहुंचेगा। यह नेपाल की पॉलिटिक्स को नया रूप देगा, जहां कुछ पुरानी पार्टियों का दबदबा है। बालेन की राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (RSP) देश के लोगों के लिए नया और सेंट्रिस्ट रुझान वाला दल है।
सोशल मीडिया को बनाया हथियार
बालेन शाह की लोकप्रियता का एक बड़ा कारण काठमांडू के मेयर के तौर पर उनके किए गए काम हैं। इसमें शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर को बेहतर बनाने, वेस्ट मैनेजमेंट और हेल्थकेयर जैसी सर्विस की डिलीवरी पक्का करना शामिल है। उन्होंने आम चुनाव लड़ने के लिए जनवरी में मेयर पद से इस्तीफा दे दिया था।
बालेन शाह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करने या मुख्यधारा मीडिया में आने के बजाय सोशल मीडिया को लोगों से जुड़ने का तरीका अपनाया है। उनके सोशल मीडिया पर लाखों की तादाद में फॉलोअर्स हैं और वह सीधे युवा नेपालियों से जुड़ते हैं। बालेन सोशल मीडिया पर अपने छोटे-छोटे मैसेज के जरिए युवाओं से जुड़े रहते हैं।
रैपर के तौर पर मिली शोहरत
बालेन शाह के पिता पारंपरिक आयुर्वेदिक दवाखाने में काम करते थे और मां आम होममेकर थीं। नेपाल में सिविल इंजीनियरिंग में अंडरग्रेजुएट डिग्री लेने के बादशाह ने दक्षिण भारत में स्ट्रक्चरल इंजीनियरिंग में मास्टर डिग्री की पढ़ाई की। हालांकि शाह को पहचान उनके रैप म्यूजिक से मिली और वह अपने देश में रैप स्टार के तौर पर उभरे।
बालेन शाह पिछले साल दिसंबर में RSP में शामिल हुए, जिसका नेतृत्व पूर्व टीवी होस्ट से नेता बने रबी लामिछाने कर रहे हैं। पार्टी ने उनको प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के तौर पर पेश किया है। RSP ने 12 लाख नौकरियां पैदा करने और माइग्रेशन को कम करने का वादा किया है। देश में बेरोजगारी और अर्थव्यवस्था पर भी पार्टी ने बड़े वादे किए हैं।














