क्या यूएई का बहिष्कार करेगा सऊदी
जून 2017 में, सऊदी अरब, UAE, बहरीन और मिस्र ने कतर के साथ संबंध तोड़ लिए थे। इन देशों ने कतर पर क्षेत्रीय अशांति फैलाने, आतंकवाद का समर्थन करने और ईरान के साथ दोस्ती का आरोप लगाया था। हालांकि, कतर ने तब इन आरोपों को खारिज कर दिया था। तनाव इतना बढ़ गया था कि इन देशों ने कतर की नाकेबंदी कर दी थी। अपने व्यापार और यात्रा सबंध भी रातोंरात तोड़ दिए थे। लेकिन, कतर पर इस नाकेबंदी का ज्यादा असर नहीं पड़ा था।
सऊदी-यूएई व्यापार डेटा देखें
सऊदी अरब के डेटा के अनुसार, 2013 के अंत तक सऊदी अरब का यूएई के साथ द्विपक्षीय वार्षिक व्यापार 30 अरब डॉलर था। इसमें 2020 के बाद लगभग 42% की वृद्धि हुई है। 2023 में यूएई, सऊदी अरब का पांचवां सबसे बड़ा निर्यातक देश था। हालांकि, इस दौरान यूएई, सऊदी अरब का तीसरा सबसे बड़ा आयातक भी रहा।
सऊदी और यूएई एक दूसरे पर कितने निर्भर
सऊदी अरब और यूएई व्यापार के लिए एक दूसरे पर काफी निर्भर हैं। सऊदी अरब, यूएई से रिफाइंड पेट्रोलियम और सोने से लेकर आभूषण और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे सामानों का आयात करता है। इस व्यापार का अधिकांश हिस्सा दुबई के जेबेल अली बंदरगाह से होकर गुजरता है। इसे सऊदी अरब के बाजार में प्रवेश करने वाले सामानों के लिए एक प्रमुख केंद्र के रूप में देखा जाता है। यही कारण है कि सऊदी अरब अब सीधे शिपमेंट को हासिल करने के लिए अपने बंदरगाहों का विस्तार कर रहा है।
सऊदी-यूएई का एक दूसरे के देश में कितना निवेश
UAE के डेटा के अनुसार, सऊदी अरब में अमीरात का निवेश 9.2 बिलियन डॉलर से अधिक है। वहीं, UAE में सऊदी का सीधा निवेश 4.3 बिलियन डॉलर से ज्यादा है। यूएई में में 4,000 से ज्यादा सऊदी ट्रेडमार्क और दर्जनों कमर्शियल एजेंसियां काम करती हैं, साथ ही लॉजिस्टिक्स, रिटेल और हॉस्पिटैलिटी में जॉइंट वेंचर भी हैं।














