पप्पू के समर्थन में उतरी कांग्रेस
आरजेडी के विरोध के चलते कांग्रेस लंबे समय तक पप्पू यादव को लेकर खुलकर समर्थन में नहीं आती रही। रणनीतिक कारण साफ थे कि गठबंधन की राजनीति में आरजेडी की नाराजगी कांग्रेस के लिए राजनीतिक नुकसान बन सकती थी। इसलिए कांग्रेस ने दूरी और संतुलन की नीति अपनाई। लेकिन पप्पू यादव की गिरफ्तारी के बाद राहुल गांधी और प्रियंका गांधी का खुला समर्थन इस पूरी रणनीति में बड़ा बदलाव दिखाता है।
एक नेता के समर्थन का मामला नहीं
यह केवल एक नेता के समर्थन का मामला नहीं है, बल्कि यह राजनीतिक दिशा-संकेत है। बिहार चुनाव में महागठबंधन की हार के बाद कांग्रेस और आरजेडी के रिश्तों में तल्खी और गहरी हो गई थी। दोनों दलों के नेता एक-दूसरे पर हार की जिम्मेदारी डालते रहे। कांग्रेस के भीतर से यह आवाज तेज हुई कि गठबंधन में रहकर पार्टी का विस्तार संभव नहीं है।
राजनीतिक लाइन खींचने जैसा कदम
सूत्रों के मुताबिक बिहार कांग्रेस नेताओं की बैठक में अधिकांश नेताओं ने केंद्रीय नेतृत्व से साफ कहा कि अब आगे बिहार में अकेले चुनाव लड़ने की रणनीति अपनाई जानी चाहिए। इसके बाद कांग्रेस की तरफ से एकला चलो के संकेत भी दिखने लगे। ऐसे माहौल में पप्पू यादव की गिरफ्तारी पर राहुल गांधी और प्रियंका गांधी का खुला समर्थन केवल नैतिक समर्थन नहीं है यह राजनीतिक लाइन खींचने जैसा कदम है। यह संकेत देता है कि कांग्रेस अब अपने फैसले आरजेडी की राजनीतिक असहजता देखकर नहीं, बल्कि अपनी स्वतंत्र रणनीति के आधार पर लेना चाहती है।














