ईरान ने अमेरिका से परमाणु समझौते पर क्या कहा
BBC को दिए इंटरव्यू में माजिद तख्त-रवांची ने कहा कि अब जिम्मेदारी अमेरिका की है। उन्होंने कहा, “यह साबित करना कि वे समझौता करना चाहते हैं, गेंद अमेरिका के पाले में है। अगर वे ईमानदार हैं, तो मुझे यकीन है कि हम एक समझौते की राह पर होंगे।” ईरान का यह बयान दोनों देशों के बीच जारी कूटनीतिक खींचतान के बीच आई है। अमेरिका और ईरान ने इस महीने ओमान की मध्यस्थता में इनडायरेक्ट बातचीत की थी। दोनों देशों के वार्ताकार जिनेवा में एक बार फिर मिलने वाले हैं।
अमेरिका से बातचीत को तैयार है ईरान
ईरानी उप-विदेश मंत्री ने ओमान में अमेरिका के साथ हुई बैठक को कमोबेश पॉजिटिव दिशा में बताया, लेकिन यह भी कहा कि अभी कुछ कहना जल्दबाजी होगी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी बातचीत को पॉजिटिव बताया है, हालांकि उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर ईरान जल्द परमाणु समझौता नहीं करता है, तो उसके खिलाफ सैन्य कार्रवाई के विकल्प खुले हुए हैं। उन्होंने बार-बार मध्य पूर्व में अमेरिकी नौसेना की मौजूदगी की ओर इशारा किया है।
ईरान-अमेरिका में होगा युद्ध?
ओमान में बातचीत के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तेहरान को चेतावनी देते हुए कहा था कि यदि कोई समझौता नहीं हुआ तो इसके परिणाम बेहद गंभीर और दर्दनाक होंगे। ट्रंप कई बार धमकी दे चुके हैं कि अगर ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को बंद करने पर राजी नहीं हुआ तो वह बल प्रयोग करेंगे। ईरान ने भी जवाबी हमले की चेतावनी दी है। ट्रंप ने हाल में ईरान में हुए प्रदर्शनों पर की गई कड़ी कार्रवाई को लेकर भी उसे धमकी दी थी। वहीं खाड़ी के अरब देशों ने आगाह किया है कि कोई भी हमला एक और क्षेत्रीय संघर्ष में बदल सकता है।













