फिल्म क्रिटिक तरण आदर्श ने इंस्टाग्राम अकाउंट पर यह जानकारी दी है। तरण आदर्श ने अपनी पोस्ट में लिखा, ‘श्रेयस तलपड़े पलाश मुच्छल की अगली फिल्म में लीड रोल करेंगे। यह फिल्म मुंबई के बैकग्राउंड पर आधारित होगी और श्रेयस इसमें एक साधारण इंसान का किरदार निभाएंगे।’ इस ऐलान के साथ ही उनके फैंस में उत्सुकता बढ़ गई है।
पलाश मुच्छल की फिल्म पर लोगों का रिएक्शन
इस प्रोजेक्ट के ऐलान के बाद एक यूजर ने मजाक में कहा, ‘इस फिल्म की कहानी ऐसी होगी, जिसमें बॉयफ्रेंड या पति धोखा देता हो।’ एक ने लिखा, ‘फिल्म का नाम है- महिला को धोखा कैसे दें।’ एक अन्य यूजर ने लिखा, ‘इनको एक वेब सीरीज बनानी चाहिए, जिसका नाम हो- अ नाइट बिफोर वेडिंग (शादी के पहले की रात) ये सारे स्ट्रीमिंग रिकॉर्ड तोड़ देगी।’ एक ने कहा, ‘फिल्म का नाम सनम बेवफा होना चाहिए।’
पलाश मुच्छल और स्मृति मंदाना की टूटी थी शादी
लोगों के इस तरह के कमेंट के पीछे वजह पलाश और क्रिकेटर स्मृति मंदाना का रिश्ता टूटना है। दोनों की शादी 23 नवंबर 2025 को होने वाली थी। दोनों कई साल से साथ थे। लेकिन फिल्ममेकर के बारे में सोशल मीडिया पर ये खबर फैली कि वह किसी और लड़की के साथ हैं और क्रिकेटर को धोखा दे रहे हैं। जिसके बाद शादी कैंसिल हो गई। जबकि इनकी हल्दी-संगीत सेरेमनी हो गई थी।
श्रेयस तलपड़े की फिल्में
श्रेयस तलपड़े पिछले कुछ सालों से अपनी मजबूत एक्टिंग के लिए चर्चा में बने हुए हैं। उन्होंने ‘गोली मार के ले लो’, ‘कट्टी बट्टी’, ‘तारीख’, ‘पुणेरी मिसाल’, ‘इमरजेंसी’ जैसी फिल्मों में काम किया है। उनकी कॉमेडी और ड्रामा दोनों में गहरी पकड़ है, जिसकी वजह से वह दर्शकों के बीच लोकप्रिय हैं। अब पलाश मुच्छल के साथ उनका यह प्रोजेक्ट उन्हें एक नए अंदाज में पेश करेगा।
पलाश मुच्छल की फिल्में
वहीं, पलाश मुच्छल सिंगर, म्यूजिक कंपोजर के साथ ही डायरेक्टर भी हैं। पलाश ‘भूतनाथ रिटर्न्स’ जैसी फिल्मों के लिए संगीत दे चुके हैं और कई मशहूर गानों को कंपोज भी कर चुके हैं। वह उभरते हुए निर्देशक हैं, जिन्होंने अपनी पिछली फिल्मों में कहानी कहने का अनोखा तरीका अपनाया है।उनकी फिल्में ज्यादातर रोजमर्रा की जिंदगी, इंसानी रिश्तों और सामाजिक मुद्दों पर केंद्रित होती हैं। उन्होंने साल 2024 में रिलीज हुई फिल्म ‘काम चालू है’ और साल 2022 की फिल्म ‘अर्ध’ का निर्देशन किया है। वहीं, नई फिल्म का बैकग्राउंड मुंबई शहर है, जो अपनी भागदौड़ भरी जिंदगी, सपनों और संघर्षों के लिए जाना जाता है। आम आदमी की कहानी मुंबई की गलियों, लोकल ट्रेनों और उसकी चमक-धमक से जुड़ी होने की उम्मीद है।















