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  • पहली बार ऑपरेशन सिंदूर पर विदेशी थिंक थैंक ने किया बड़ा दावा, बताई बहुत बड़ी बात?

    नई दिल्ली: पिछले साल मई में हुए ‘ ऑपरेशन सिंदूर ‘ ने दक्षिण एशिया में वायु शक्ति का संतुलन पूरी तरह बदल दिया है। इस संघर्ष में भारत ने स्पष्ट रूप से हवाई श्रेष्ठता हासिल की, जिसके चलते पाकिस्तान को महज चार दिनों की लड़ाई के बाद युद्धविराम मांगने पर मजबूर होना पड़ा। स्विट्जरलैंड के


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    By Azad Hind Desk जनवरी 26, 2026
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    नई दिल्ली: पिछले साल मई में हुए ‘ ऑपरेशन सिंदूर ‘ ने दक्षिण एशिया में वायु शक्ति का संतुलन पूरी तरह बदल दिया है। इस संघर्ष में भारत ने स्पष्ट रूप से हवाई श्रेष्ठता हासिल की, जिसके चलते पाकिस्तान को महज चार दिनों की लड़ाई के बाद युद्धविराम मांगने पर मजबूर होना पड़ा। स्विट्जरलैंड के एक प्रतिष्ठित सैन्य थिंक टैंक ‘ सेंटर फॉर मिलिट्री हिस्ट्री एंड पर्सपेक्टिव स्टडीज ‘ (CHPM) ने अपनी नई रिपोर्ट में बड़ा खुलासा किया है। सैन्य इतिहासकार एड्रियन फोंटानेलाज ने रिपोर्ट में बताया कि 7 से 10 मई 2025 के बीच हुए 88 घंटे के भारत-पाकिस्तान हवाई युद्ध का अब तक का सबसे विस्तृत स्वतंत्र विश्लेषण है।

    शुरुआती झटके के बाद भारत का पलटवार

    रिपोर्ट के मुताबिक उस समय अंतरराष्ट्रीय मीडिया का पूरा ध्यान शुरुआती रात में एक भारतीय राफेल विमान के नुकसान पर था, लेकिन यह केवल आधी हकीकत थी। स्विस विश्लेषण के मुताबिक, उस एक घटना ने भारत की असली जीत को छिपा दिया। सच्चाई यह थी कि भारत ने योजनाबद्ध तरीके से पाकिस्तान के हवाई सुरक्षा तंत्र और हमला करने की क्षमता को नष्ट कर दिया और अपनी शर्तों पर युद्ध खत्म किया।

    पहलगाम हमले का बदला

    रिपोर्ट के मुताबिक, जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में पर्यटकों पर हुए घातक आतंकी हमले के बाद, जिसके तार पाकिस्तान स्थित समूहों से जुड़े थे, भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शुरू किया। भारतीय नेतृत्व ने सेना को ‘बड़ा और कड़ा’ जवाब देने की पूरी छूट दी थी, भले ही इससे परमाणु संपन्न पड़ोसियों के बीच तनाव बढ़ने का जोखिम हो।

    7 मई की रात कैसे पलटी बाजी?

    भारतीय वायुसेना ने जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा के ठिकानों बहावलपुर और मुरिदके पर सटीक हमले किए। जवाब में पाकिस्तान ने भी हमला किया, जिसमें भारत को एक राफेल और मिराज का नुकसान हुआ। इसे रिपोर्ट में भारत के लिए ‘रणनीतिक झटका’ माना गया क्योंकि इससे पाकिस्तान को प्रोपेगैंडा का मौका मिल गया।

    विध्वंसक जवाब

    लेकिन इसके बाद भारतीय वायुसेना ने अपनी रणनीति बदली। स्कैल्प (SCALP) और ब्रह्मोस जैसी मिसाइलों का इस्तेमाल करते हुए, भारत ने पाकिस्तान के रडार और मिसाइल सिस्टम को तबाह कर दिया।

    एयरबेस पर हमले

    स्विस रिपोर्ट इसे शानदार हमला बताती है। भारत ने पाकिस्तान के मुख्य एयरबेसों के रनवे और बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया, जिससे पाकिस्तानी वायुसेना की उड़ान भरने की क्षमता बुरी तरह प्रभावित हुई।

    भारत डिफेंस सिस्टम का लोहा

    स्विस रिपोर्ट में भारत के एयर डिफेंस नेटवर्क (IACCCS) और ‘एस-400’ व ‘आकाश’ जैसी मिसाइल प्रणालियों की भी तारीफ की गई है, जिन्होंने पाकिस्तानी जवाबी हमलों को नाकाम कर दिया। इसे संघर्ष का सबसे बड़ा सरप्राइज बताया गया।

    नया रणनीतिक संदेश

    10 मई तक पाकिस्तान अपनी हवाई सीमा बचाने की स्थिति में नहीं था, जिसके बाद उसने युद्धविराम की मांग की। रिपोर्ट का निष्कर्ष है कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ ने भारत की रणनीति में एक बड़ा बदलाव दिखाया है— अब भारत आतंकी हमलों को केवल आतंकियों का काम नहीं मानता, बल्कि इसके लिए सीधे तौर पर पाकिस्तानी सरकार के ढांचे को जिम्मेदार ठहराते हुए कठोर सैन्य कार्रवाई करने को तैयार है।

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