भारत यात्रा आ रहे जर्मन चांसलर
विदेश मंत्रालय ने सोमवार को बताया कि जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज 12 जनवरी को सीधे अहमदाबाद पहुंचेंगे और पीएम मोदी उनकी आगवानी करने के लिए पहले से ही वहां मौजूद होंगे। इससे एक महत्वपूर्ण यूरोपीय देश के नेता की भारत यात्रा की अहमियत का अंदाजा लगाया जा सकता है। अहमदाबाद के बाद मर्ज के बेंगलुरु जाने का कार्यक्रम है। इस दो दिवसीय यात्रा के दौरान उनके दिल्ली आने का कोई कार्यक्रम नहीं है।
यूरोपियन यूनियन के लीडर आ रहे
जर्मन चांसलर की भारत यात्रा दिल्ली में यूरोपियन यूनियन के शीर्ष नेताओं की बहुचर्चित यात्रा से ठीक पहले हो रही है। यूरोपियन यूनियन के ये नेता बहुप्रतिक्षित भारत-यूरोपियन यूनियन फ्री ट्रेड एग्रीमेंट को अंतिम रूप देने के लिए जुटने वाले हैं। भारत का अमेरिका के साथ टैरिफ को लेकर संघर्ष चल रहा है, उसके चलते इस फ्री ट्रेड एग्रीमेंट का एजेंडा टॉप पर है। इसके तुरंत बाद फरवरी में एक और महत्वपूर्ण यूरोपीय देश फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों भी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस शिखर सम्मेलन (AI Summit) में शामिल होने के लिए भारत पहुंचने वाले हैं।
जियो-पॉलिटिक्स के लिए महत्वपूर्ण
यूरोप के बड़े देशों की टॉप लीडरशिप की एक के बाद एक भारत यात्रा ऐसे समय पर हो रही है,जब रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप टैरिफ का डंडा भांजे जा रहे हैं। यही नहीं, अब तो अमेरिका ने वेनेजुएला पर हमला करके वहां के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को उनकी पत्नी समेत रात के अंधेरे में उनके बेड से उठा लिया है। अमेरिका की ओर से कुछ ऐसा ही करने की धमकी क्यूबा और ग्रीनलैंड को भी दी जा रही है। इन अमेरिकी कारगुजारियों और अलग-अलग देशों में जारी संघर्षों के बीच जियो-पॉलिटिक्स में नई परिस्थितियां पैदा हो रही हैं। यही नहीं, इसी साल भारत ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की भी अगुवाई करने वाला है, जिसको लेकर ग्लोबल साउथ की अगुवाई की भूमिका को लेकर चर्चाएं चल रही हैं।
भारत और जर्मनी के सहयोग का एजेंडा
जहां तक भारत और जर्मनी के बीच आपसी सहयोग की बात है तो विदेश मंत्रालय के अनुसार चांसलर मर्ज और प्रधानमंत्री मोदी के बीच व्यापक मुद्दों पर चर्चा होने वाली है, जिनमें आपसी व्यापार, निवेश, सुरक्षा और टेक्नोलॉजी जैसे मसले शामिल हैं। इनके अलावा शिक्षा,स्वच्छ ऊर्जा, कौशल, मोबिलिटी, साइंस, इनोवेशन, रिसर्च, ग्रीन एंड सस्टेनेबल डेवलपमेंट और लोगों से लोगों के बीच संपर्क के मुद्दे भी अहम हैं। 2024 में दोनों देशों ने इंडो-जर्मन ग्रीन हाइड्रोजन रोडमैप भी शुरू किया था, जिसका लक्ष्य भारत में इसके उत्पादन, खपत और निर्यात को बढ़ावा देना है।
गुजरात पहुंचने वाले ग्लोबल लीडर
- शी जिनपिंग– नरेंद्र मोदी 2014 में प्रधानमंत्री बने और उसी साल सितंबर में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग अहमदाबाद यात्रा पर पहुंचे। दोनों नेताओं ने यहां द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा की और साबरमती रिवरफ्रंट पर भी समय बिताया था।
- शिंजो आबे-तीन साल बाद सितंबर 2017 में जापान के तत्कालीन प्रधानमंत्री शिंजो आबे आधिकारिक यात्रा पर भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए अहमदाबाद पहुंचे थे।
- बेंजामिन नेतन्याहू -फिर जनवरी, 2018 में इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ऐसे तीसरे वैश्विक नेता बने जो पीएम मोदी के गृहराज्य गुजरात की यात्रा पर पहुंचे। इस दौरान दोनों नेताओं ने अहमदाबाद से साबरमती आश्रम तक के बीच रोडशो भी किया।
- डोनाल्ड ट्रंप-फरवरी, 2020 का ‘नमस्ते ट्रंप’ कार्यक्रम अहमदाबाद जाने वाले ग्लोबल लीडरों का सबसे चर्चित कार्यक्रम है। तब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपने पहले कार्यकाल में भारत पहुंचे थे और उनका अहमदाबाद के विशाल नरेंद्र मोदी स्टेडियम में भव्य स्वागत किया गया था। इससे पहले एयरपोर्ट से स्टेडियम तक दोनों नेताओं ने एक लंबे रोडशो में हिस्सा लिया।
- शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान-मोदी के कार्यकाल में अहमदाबाद पहुंचने वाले वैश्विक नेताओं में संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान पांचवें हैं, जो फरवरी, 2024 में वहां वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट में मुख्य अतिथि बनकर पहुंचे थे। पीएम मोदी ने इनके साथ भी रोडशो किया था।














