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  • ‘पाकिस्तान आतंकवाद का इंफ्रास्ट्रक्चर, उसे खाद पानी न दें’, पोलैंड को एस जयशंकर की दो टूक

    नई दिल्ली: विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने पोलैंड के उपप्रधानमंत्री और विदेश मंत्री राडोस्लाव सिकोरस्की के साथ द्विपक्षीय बातचीत के दौरान अपने भाषण में आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने को कहा है। जयशंकर ने पोलैंड के विदेश मंत्री से कहा कि उनके देश को आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस दिखानी चाहिए।


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    By Azad Hind Desk जनवरी 19, 2026
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    नई दिल्ली: विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने पोलैंड के उपप्रधानमंत्री और विदेश मंत्री राडोस्लाव सिकोरस्की के साथ द्विपक्षीय बातचीत के दौरान अपने भाषण में आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने को कहा है। जयशंकर ने पोलैंड के विदेश मंत्री से कहा कि उनके देश को आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस दिखानी चाहिए। पड़ोस में पनप रहे आतंकवाद के इंफ्रास्ट्रक्चर को खाद पानी देने में मदद नहीं करनी चाहिए ।

    विदेश मंत्री ने कहा, हमने यूक्रेन संघर्ष को लेकर हमेशा अपने विचार सामने रखे हैं। लेकिन भारत को सेलेक्टिव तौर पर टारगेट करना अनुचित और अन्यायपूर्ण है। यह पूरी तरह बेबुनियाद हैं और यह इन्हें आज फिर दोहराता हूं। जयशंकर ने आगे कहा, भारत अपने हितों के खिलाफ किसी भी प्रकार के दोहरे मापदंड को स्वीकार नहीं करेगा।

    जयशंकर की बातों पर पोलैंड के प्रतिनिधिमंडल ने जताई सहमति

    पोलैंड के उपप्रधानमंत्री और विदेश मंत्री राडोस्लाव सिकोरस्की ने की बात पर सहमति जताई। उन्होंने कहा, ‘मुझे जयपुर लिटरेरी फेस्टिवल में शामिल होकर बहुत खुशी हुई, यह एक शानदार वैश्विक सांस्कृतिक कार्यक्रम है। मैं सीमा पार आतंकवाद का मुकाबला करने की जरूरत पर आपसे पूरी तरह सहमत हूं। पोलैंड आगजनी और आतंकवाद दोनों का शिकार रहा है। ‘

    टैरिफ पर चुनिंदा निशाना बनाने पर आपसे पूरी तरह सहमत: राडोस्लाव सिकोरस्की

    टैरिफ के मुद्दे पर बोलते हुए पोलैंड के उपप्रधानमंत्री ने कहा, मैं टैरिफ द्वारा चुनिंदा निशाना बनाने की नाइंसाफी पर भी आपसे पूरी तरह सहमत हूं। हमें डर है कि यह वैश्विक व्यापार में उथल-पुथल की ओर बढ़ रहा है। हमें उम्मीद है कि भारत यूरोप के साथ जुड़ा रहेगा। हमने देखा है कि आप यूरोप में हर जगह दूतावास स्थापित कर रहे हैं, जिसका मतलब है कि आप यूरोपीय संघ के साथ संबंधों को लेकर गंभीर हैं।’

    विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने कहा, ‘बेशक, चुनिंदा निशाना बनाना सिर्फ टैरिफ तक सीमित नहीं है। मुझे लगता है कि चुनिंदा निशाना बनाने के और भी तरीके रहे हैं, लेकिन हम इस पर चर्चा करेंगे।’

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