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  • पाकिस्तान को काबुल में बंद करना पड़ सकता है दूतावास, मुनीर आर्मी के रवैये से गुस्से में तालिबान, कड़े फैसले लेने का इशारा

    काबुल: अफगानिस्तान की तालिबान सरकार ने पाकिस्तान के साथ राजनयिक संबंध सीमित करने के संकेत दिए हैं। पाकिस्तान के साथ लगातार चल रही लड़ाई और बिगड़ते संबंधों के बीच तालिबान की ओर से कहा गया है कि वह कड़े फैसले ले सकते हैं। तालिबान प्रवक्ता हमदुल्ला फितरत ने मंगलवार को कहा कि पाकिस्तान का दूतावास


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    By Azad Hind Desk मार्च 3, 2026
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    काबुल: अफगानिस्तान की तालिबान सरकार ने पाकिस्तान के साथ राजनयिक संबंध सीमित करने के संकेत दिए हैं। पाकिस्तान के साथ लगातार चल रही लड़ाई और बिगड़ते संबंधों के बीच तालिबान की ओर से कहा गया है कि वह कड़े फैसले ले सकते हैं। तालिबान प्रवक्ता हमदुल्ला फितरत ने मंगलवार को कहा कि पाकिस्तान का दूतावास बंद करना उन विकल्पों में शामिल है, जिस पर उनकी सरकार विचार कर रही है। तालिबान ने पाकिस्तान आर्मी के आक्रामक रवैये की आलोचना करते हुए साफ किया कि उसकी ओर से भी सख्त रुख अपनाया जाएगा।

    टोलो न्यूज के मुताबिक, फितरत ने कहा कि अफगानिस्तान ने जंग को अपना पहला ऑप्शन नहीं बनाया है। अफगानिस्तान की कोशिश सभी देशों के साथ अच्छे रिश्ते की रही है लेकिन जब हमारी जमीन पर हमला होगा तो उसका जवाब दिया जाएगा। पाकिस्तान के हमले का अफगान सेना जवाब दे रही है और अपने देश की रक्षा कर रही है।

    पाकिस्तान का दूतावास किया जा सकता है बंद

    काबुल में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोलते हुए फितरत ने कहा कि काबुल में पाकिस्तान की एम्बेसी बंद करने के बारे में अभी कोई फाइनल कमेंट करना जल्दबाजी होगी। हालांकि यह बात सही है कि इस पर सोचा गया है। पाकिस्तान का दूतावास बंद करना उन विकल्पों में से एक है, जिन पर विचार किया जा रहा है।

    अफगानिस्तान और पाकिस्तान में मध्यस्थता की पेशकश करने वाले देशों के बारे में सवाल पर फितरत ने कहा कि कई देशों ने इसके लिए संपर्क किया है। रूस, ब्रिटेन और यूरोपियन यूनियन ने बीच-बचाव की पेशकश करने के लिए अफगान अधिकारियों से संपर्क किया है। हालांकि इसमें अभी बहुत तरक्की नहीं हुई है।

    पाकिस्तान के हमले में 110 आम लोगों की मौत

    फितरत ने बताया है कि पाकिस्तानी आर्मी के हमलों में 110 आम लोगों की जान गई है और 123 घायल हुए हैं। मरने वालों में बड़ी संख्या में औरतें और बच्चे शामिल हैं। पाक आर्मी के पक्तिया, पक्तिका, खोस्त, काबुल, नंगरहार, कुनार और कंधार में हवाई हमलों में सैकड़ों घर तबाह हुए हैं। इससे 8,000 से ज्यादा परिवार बेघर हो गए हैं।

    तालिबान शासन ने संयुक्त राष्ट्र और ह्यूमन राइट ऑर्गनाइजेशन से अपील की है कि वे पाकिस्तान को अफगानिस्तान में आम लोगों को टारगेट करने से रोकें। तालिबान रक्षा मंत्रालय ने लड़ाई में 150 पाकिस्तानी सैनिकों के मारे जाने और 200 से ज्यादा के घायल होने का दावा किया है। बॉर्डर पर पाकिस्तानी सेना की दर्जनों पोस्ट भी तबाह हुई हैं।

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