द एक्सप्रेस ट्रिब्यून के मुताबिक, यूएई ने 1-1 अरब डॉलर के 2 लोन को आगे बढ़ाया है। ये लोग 16 और 22 जनवरी को मैच्योर हो गए थे। अब कर्ज को एक महीने के लिए आगे बढ़ाया गया है, ताकि अवधि और ब्याज दर पर आगे की बातचीत के लिए समय मिल सके। पाकिस्तान दो साल के रोलओवर और 3% ब्याज दर चाहता है।
पाकिस्तान ने फिर लगाई गुहार
सरकार के सीनियर अधिकारियों के हवाले से बताया गया है कि कर्ज को आगे बढ़ाने के लिए एक और अनुरोध किया जा रहा है। इसके पुनर्भुगतान से एक फाइनेंसिंग गैप पैदा होगा, जिसे अन्य स्रोतों से भरना होगा। ऐसे में यूएई से लोन को आगे बढ़ाने के लिए और समय मांगा जा रहा है।
यह पहली बार है जब UAE ने कर्ज चुकाने की अवधि को सिर्फ एक महीने के लिए आगे बढ़ाया है। पाकिस्तान को अभी तक यूएई से एक साल का विस्तार मिलता रहा था। अधिकारियों ने कहा कि कर्ज की अवधि और मैच्योरिटी के संबंध में स्थिति आने वाले दिनों में और साफ हो जाएगी।
शहबाज का अनुरोध भी खारिज
रिपोर्ट में बताया गया है कि SBP (पाकिस्तान के प्रमुख बैंक) के गवर्नर जमील अहमद ने यूएई सरकार से 2.5 अरब डॉलर के कर्ज को दो साल के लिए आगे बढ़ाने और ब्याज दर को आधा करने का अनुरोध किया था। इसके बाद प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने यूएई के राष्ट्रपति से ऐसा ही अनुरोध किया।
पाकिस्तान के स्टेट बैंक और प्रधानमंत्री की ओर से अनुरोध के बावजूद यूएई कर्ज को बहुत आगे बढ़ाने पर सहमत होता नहीं दिख रहा है। यूएई ने सिर्फ एक महीने का समय दिया है। फिलहाल पाकिस्तान की दो साल के विस्तार और ब्याज दर आधा करने का मांग पूरी होती नहीं दिख रही है।
अभी तक मिल रही थी राहत
यूएई ने साल 2018 में पाकिस्तान को एक साल के लिए 2 अरब डॉलर दिए थे। पाकिस्तान यह राशि चुकाने में असमर्थ रहा और तब से सालाना रोलओवर मांग रहा है। साल 2023 में यूएई ने IMF बेलआउट के लिए पाकिस्तान को बाहरी वित्तपोषण आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद के लिए 1 अरब डॉलर का एक और लोन दिया।
साल 2018 में यूएई ने कर्ज पर 3 प्रतिशत ब्याज दर लगाई थी। पिछले साल इसे बढ़ाकर 6.5% कर दिया। पाकिस्तान ने फिर से इस दर को 3% करने का अनुरोध किया है। यूएई का 2 अरब डॉलर का कर्ज पाकिस्तान के 16 अरब डॉलर के फॉरेन एक्सचेंज रिजर्व का हिस्सा है। पाकिस्तान मौजूदा दरों पर UAE के कर्ज पर सालाना करीब 130 मिलियन डॉलर ब्याज दे रहा है।














