पाकिस्तान विदेश मंत्रालय ने आगे कहा है कि “इस्लामाबाद और ढाका के बीच संबंधों की प्रकृति या दायरे पर टिप्पणी करने का भारत को कोई अधिकार नहीं है।” पाकिस्तान विदेश मंत्रालय के अधिकारी ने कहा कि “पाकिस्तान और बांग्लादेश के बीच द्विपक्षीय सहयोग एक संप्रभु मामला है और इसके लिए किसी तीसरे देश से पुष्टि या मंजूरी की जरूरत नहीं है।” पाकिस्ता विदेश मंत्रालय की तरफ से ये बयान उस वक्त आया है, जब भारतीय विदेश मंत्रालय (MEA) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने पहले कहा था, कि “नई दिल्ली, पाकिस्तान से JF-17 थंडर फाइटर एयरक्राफ्ट की संभावित खरीद के संबंध में पाकिस्तान और बांग्लादेश के बीच हो रही बातचीत पर करीब से नजर रख रहा है।”
बांग्लादेश और पाकिस्तान में JF-17 फाइटर जेट पर बात
भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने इसके अलावा 29 जनवरी से ढाका और कराची के बीच सीधी उड़ानों को फिर से शुरू करने और क्या भारतीय हवाई क्षेत्र के इस्तेमाल के लिए भारत की अनुमति की जरूरत होगी, इस सवाल के जवाब में जायसवाल ने कहा कि “ऐसे मामलों को मौजूदा व्यवस्थाओं के तहत मैनेज किया जाएगा।” आपको बता दें कि पिछले दिनों पाकिस्तान एयर फोर्स (PAF) के एयर चीफ मार्शल जहीर अहमद बाबर सिद्धू और बांग्लादेश एयर फोर्स के एयर चीफ मार्शल हसन महमूद खान के बीच एक बैठक की गई थी। इसके बाद पाकिस्तानी मीडिया की तरफ से कहा गया कि दोनों पक्षों के बीच JF-17 थंडर लड़ाकू विमान की संभावित खरीद को लेकर बात की गई है।
पाकिस्तान सेना के मीडिया विंग इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (ISPR) ने इस मुलाकात को लेकर कहा था कि “एयर मार्शल सिद्धू ने अपने बांग्लादेशी समकक्ष को पाकिस्तान एयरफोर्स की हालिया प्रगति के बारे में बताया और PAF संस्थानों में बेसिक से लेकर एडवांस्ड फ्लाइंग और स्पेशल कोर्स तक एक प्रशिक्षण ढांचे के माध्यम से बांग्लादेश एयर फोर्स का समर्थन करने के लिए पाकिस्तान की प्रतिबद्धता के बारे में बताया था।” आपको बता दें कि बांग्लादेश की वायुसेना के पास आधुनिक लड़ाकू विमान नहीं है और वो अपने बेड़े में आधुनिक लड़ाकू विमानों को शामिल करना चाहता है, इसके लिए वो यूरोफाइटर टायफून खरीदने पर भी विचार कर रहा है।













