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  • पाकिस्तान हथियार बेचकर बन जाएगा अमीर, नहीं लेना होगा IMF से लोन, रक्षामंत्री के दावे की एक्‍सपर्ट ने खोली पोल

    इस्लामाबाद: कई साल पहले एक हिंदी फिल्म आई थी ‘अंदाज अपना अपना’। उसमें परेश रावल का कैरेक्टर ख्वाब देखता है कि वो एक मुर्गियां पालेंगे, मुर्गियों के लाखों अंडें होंगे, उससे करोड़ों ऑमलेट बनेंगे और उसे बेचकर वो अरबपति बन जाएंगे। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ भी इन दिनों ऐसा ही सपना देख रहे


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    By Azad Hind Desk जनवरी 7, 2026
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    इस्लामाबाद: कई साल पहले एक हिंदी फिल्म आई थी ‘अंदाज अपना अपना’। उसमें परेश रावल का कैरेक्टर ख्वाब देखता है कि वो एक मुर्गियां पालेंगे, मुर्गियों के लाखों अंडें होंगे, उससे करोड़ों ऑमलेट बनेंगे और उसे बेचकर वो अरबपति बन जाएंगे। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ भी इन दिनों ऐसा ही सपना देख रहे हैं। वो कहते फिर रहे हैं कि अरबों डॉलर के हथियार बेचेगा, जिससे पाकिस्तान मालामाल हो जाएगा फिर पाकिस्तान को इंटरनेशनल मॉनेट्री फंड (IMF) से लोन लेने की जरूरत नहीं होगी। ख्वाजा आसिफ ने पाकिस्तानी न्यूज चैनल जियो न्यूज से बात करते हुए कहा कि “अगले छह महीनों में पाकिस्तान को इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड (IMF) से वित्तीय सहायता की जरूरत नहीं पड़ सकती है, क्योंकि रक्षा खरीद के ऑर्डर लगातार बढ़ रहे हैं।”

    ख्वाजा आसिफ पाकिस्तानी हथियारों को लेकर ख्वाब देख रहे हैं। पाकिस्तान ने हालिया समय में अजरबैजान, लीबिया के साथ JF-17 लड़ाकू विमान बेचने को लेकर डील किए हैं। पाकिस्तान ने संकेत दिया है कि बांग्लादेश भी JF-17 फाइटर जेट खरीद सकता है। ख्वाजा आसिफ इसी को लेकर बात कर रहे हैं। लेकिन इससे पहले की आपको भी लगे कि ख्वाजा आसिफ की बातों को हम मुंगेरीलाल के हसीन सपने क्यों कह रहे है, तो आपको JF-17 लड़ाकू विमान की ज्यादा नहीं, थोड़ी हकीकत समझनी होगी। ख्वाजा आसिफ के ख्वाब को खुद पाकिस्तान की प्रोफेसर आएशा सिद्धीकी ने तोड़ा है।

    ख्वाजा आसिफ क्यों पाकिस्तानियों को दिखा रहे सब्जबाग?
    दरअसल हकीकत ये है कि JF-17 लड़ाकू विमान भले ही पाकिस्तान में बनता है, लेकिन असल सवाल ये है कि इस विमान को बनाता कौन है? इसका उत्तर है चीन। आएशा सिद्धीकी ने भी यही कहा है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा है कि “ख्वाजा आसिफ उन कई पत्रकारों की तरह लग रहे हैं जो डिफेंस कवर करने का दावा करते हैं, उन्हें प्लेन/सबमरीन के आगे और पीछे का फर्क भी नहीं पता। JF-17 थंडर एयर फ्रेम में पाकिस्तान का लगभग 35% हिस्सा है, जिससे इतना पैसा नहीं बचता कि पाकिस्तान IMF से बच सके।” यानि अब आपको असलियत का पता चल गया होगा कि ख्वाजा आसिफ जिस मुर्गी की दुकान खोलकर, लाखों अंडे बेचकर, करोड़ों ऑमलेट बनाकर अरबों डॉलर का कारोबार करना चाहते हैं, उसमें 65 प्रतिशत चीन को जाएगा।

    JF-17 लड़ाकू विमान: चीन-पाकिस्तान में डील क्या है?

    • JF-17 लड़ाकू विमान पाकिस्तान में चीन की मदद से बनता है।
    • सौदे के तहत 65 प्रतिशत चीन की, पाकिस्तान की 35% हिस्सेदारी
    • KLJ-7A AESA रडार पाकिस्तान नहीं, चीन बनाकर देता है।
    • JF-17 में लगने वाला PL-15 मिसाइल चीन बनाता है।
    • इस फाइटर जेट के एवियोनिक्स भी चीन ही बनाकर पाकिस्तान को देता है।
    • हेलमेट माउंटेड डिस्प्ले, इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर भी चीन बनाता है।
    • पाकिस्तान में चीनी टेक्नोलॉजी के साथ एयरफ्रेम बनता है।
    • पाकिस्तान में JF-17 लड़ाकू विमानों को असेंबल किया जाता है।

    इसके अलावा अगर कोई देश इस फाइटर जेट की डील कर रहा है, तो वो पाकिस्तान की वजह से नहीं कर रहा है। बल्कि वो डील चीन की वजह से कर रहा है। JF-17 फाइटर जेट खरीदने वाले देश पहले चीन से आश्वासन ले रहे हैं कि वो फाइटर जेट के तमाम उपकरणों की आगे भी सप्लाई करते रहेंगे। JF-17 में लगने वाले हथियार समेत रडार और अन्य उपकरण पाकिस्तान नहीं बनाता है, बल्कि सारे क्रिटिकल उपकरण चीन में बनते हैं। इसीलिए पाकिस्तान के रक्षा मंत्री को नींद से जागने की जरूरत है। हालांकि वो पाकिस्तान है, जहां नेता इसी तरह के बकवास कर अपनी जनता को बेवकूफ बनाते रहते हैं।

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