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  • पिंजरे के तोते वाली धारणा से रहें दूर, सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई को दी सख्त हिदायत

    नई दिल्ली: दिल्ली के आबकारी नीति से संबंधित करप्शन मामले में दिल्ली के पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल और डिप्टी सीएम मनीष सिसौदिया समेत अन्य को दिल्ली की निचली अदालत ने आरोप मुक्त कर दिया है और इसके साथ ही सीबीआई की जांच घेरे में आ गई है। इस धारणा से दूर रहे सीबीआई इस मामले


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    By Azad Hind Desk फरवरी 28, 2026
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    नई दिल्ली: दिल्ली के आबकारी नीति से संबंधित करप्शन मामले में दिल्ली के पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल और डिप्टी सीएम मनीष सिसौदिया समेत अन्य को दिल्ली की निचली अदालत ने आरोप मुक्त कर दिया है और इसके साथ ही सीबीआई की जांच घेरे में आ गई है।

    इस धारणा से दूर रहे सीबीआई

    इस मामले में जब सुप्रीम कोर्ट ने केजरीवाल को जमानत दी थी तब भी सीबीआई को फटकार लगाई थी और कहा था कि सीबीआई को पिंजरे के तोते वाली धारणा से खुद को दूर रखना होगा और अब निचली अदालत ने मामले में चार्ज के स्टेज पर ही सभी को आरोपमुक्त कर दिया।

    SC ने सीबीआई को क्यों लगाई थी फटकार

    सुप्रीम कोर्ट ने जब केजरीवाल को जमानत दी थी तभी सीबीआई को कड़ी फटकार लगाई थी। अब निचली अदालत ने केजरीवाल और सिसोदिया के केस को ट्रायल चलाने योग्य भी नहीं माना। निचली अदालत ने कड़े शब्दों का प्रयोग किया है और सीबीआई को जांच में हुई खामियों के लिए फटकार लगाई है।

    आरोप साबित करने में विफल रही सीबीआई

    अदालत का कहना है कि चार्जशीट में तमाम खामियां हैं और गवाहों के बयान से मामले को सपोर्ट नहीं मिल रहा है। सीबीआई पहली नजर में इस केस को साबित करने में विफल रही है। चार्जशीट तमाम आपसी विरोधाभास से भरी हुई है। करप्शन केस में जब सुप्रीम कोर्ट ने अरविंद केजरीवाल की जमानत पर सुनवाई की और फैसला दिया था तब भी सीबीआई को जमकर फटकार लगाई थी।

    सुप्रीम कोर्ट ने अरविंद केजरीवाल को दी थी जमानत

    सुप्रीम कोर्ट ने 13 सितंबर 2024 को दिल्ली के सीएम केजरीवाल को जमानत देते हुए कहा था कि केजरीवाल को हिरासत में रखना उन्हें स्वतंत्रता के अधिकार से वंचित करने जैसा होगा। साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई की भी जमकर खिंचाई की थी। कहा था कि सीबीआई को निश्चित ही पिंजरे के तोते वाली धारणा से खुद को दूर करना होगा।

    समझ से परे है ऐसी गिरफ्तारी: सुप्रीम कोर्ट

    जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस उज्जवल भुइयां की बेंच ने एकमत से जमानत देने का फैसला किया था और कहा था कि भविष्य में ट्रायल जल्दी पूरा होने की कोई संभावना नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा था कि सीबीआई ने गिरफ्तारी की जो अर्जेंसी दिखाई वह समझ से परे है। यह गिरफ्तारी जस्टिफाई नहीं है।

    मनी लॉन्ड्रिग केस में भी मिला थी जमानत

    केजरीवाल को सख्त प्रावधान वाले मनी लॉन्ड्रिग केस में जमानत मिल चुकी थी और उसके बाद सीबीआई द्वारा करप्शन केस में की गई गिरफ्तारी के बाद उनकी हिरासत संतुष्टिदायक नहीं थी। जस्टिस भुझ्या ने सीबीआई को याद दिलाते हुए कहा कि उनकी ड्यूटी है कि मामले में वह निष्पक्ष जांच करें।

    आरोपी ने पूछताछ में दिया ऐसा जवाब

    जस्टिस भुझ्या ने कहा कि एजेंसी इस बात को गिरफ्तारी का आधार नहीं बता सकता है कि आरोपी ने पूछताछ के दौरान गोलमोल सा जवाब दिया। वही इससे पहले 9 अगस्त 2024 को सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली अबकारी नीति से संबंधित करप्शन और मनी लॉन्ड्रिग केस में आरोपी व दिल्ली के पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया को जमानत दे दी थी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि सीबीआई और ईडी द्वारा दर्ज केस के ट्रायल में अभी देरी है लिहाजा सिसोदिया को जमानत दी जाती है।

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