यूरोप ने रूस पर नाटक करने का आरोप लगाया
16वें भारत-EU शिखर सम्मेलन के बाद दोनों पक्षों को संबोधित करते हुए कैलस ने कहा, “हमें रूस से अस्तित्व का खतरा है… हम चाहते हैं कि यह युद्ध खत्म हो। आज भारतीय समकक्षों के साथ अपनी बातचीत में हमने उनसे कहा कि वे अपनी तरफ से इस मुद्दे को उठाएं… यूक्रेन एक साल पहले ही बिना शर्त युद्धविराम के लिए सहमत हो गया था। रूसी पक्ष से हम सिर्फ नाटक देख रहे हैं और वे बातचीत का दिखावा कर रहे हैं लेकिन वे असल में बातचीत नहीं कर रहे हैं।”
रूस पर यूक्रेनी बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने का आरोप
इस दौरान कैलस ने कहा, “वे (रूस) अपनी अधिकतम मांग कर रहे हैं। वे उन क्षेत्रों की भी मांग कर रहे हैं जिन पर उन्होंने सैन्य रूप से कब्जा कर लिया है… और यह ऐसी चीज नहीं है जिससे आप शांति ला सकते हैं।” उन्होंने कहा कि रूस के लगभग 93 प्रतिशत लक्ष्य यूक्रेन में नागरिक बुनियादी ढांचे रहे हैं, जैसे स्कूल, अस्पताल, आवासीय परिसर और ऊर्जा बुनियादी ढांचा। उन्होंने कहा कि रूस ऐसे हिंसक कृत्य इसलिए कर रहा है ताकि यूक्रनी लोगों को जितना हो सके उतना दर्द पहुंचाया जा सके… अंतर्राष्ट्रीय मानवीय कानून के तहत यह प्रतिबंधित है।”
यूरोपीय संघ ने भारत से रूस पर दबाव बनाने को कहा
कैलस ने कहा, “मैंने अपने भारतीय सहयोगियों को समझाया है कि रूस ऐसा क्यों कर रहा है। वे (रूस) युद्ध के मैदान पर ध्यान नहीं दे रहे हैं… वे क्षेत्रों पर कब्जा नहीं कर रहे हैं। वे जो करना चाहते हैं वह है यूक्रेनियन को जितना हो सके उतना दर्द पहुंचाकर उन्हें आत्मसमर्पण करने के लिए मजबूर करना।” उन्होंने जोर देकर कहा, “इसलिए हमने अपने भारतीय सहयोगियों से रूस पर दबाव डालने के लिए कहा है। क्योंकि यह युद्ध दक्षिणी देशों के लिए भी अच्छा नहीं है… हम दोनों शांति और स्थायी शांति चाहते हैं।” हालांकि, भारत-ईयू के जॉइंट स्टेटमेंट में रूस का जिक्र नहीं किया गया था।













