पहले तो गजेंद्र चौहान ने जाते ही कहा, ‘मैं महाभारत में धर्मराज युधिष्ठिर बना था।’ प्रेमानंद जी ने भी कहा, ‘युधिष्ठिर हम सबकी प्रेरणा थे। वो धर्म के अंश से प्रकट हुए थे। पूरा भारत प्रिय है। इसलिए उनका किरदार निभाना ही अपने आप में एक बड़ी जिम्मेदारी थी।’
प्रेमानंद जी महाराज के पास पहुंचे गजेंद्र चौहान
तभी गजेंद्र ने कहा, ‘आपके आगे एक छोटा सा संवाद जो अटल बिहारी जी का फेवरेट है। वो जब मिलते थे कहते थे वो सुनाओ।’ प्रेमानंद महाराज जी बार बार बोले, ‘बहुत सुंदर।’
98,000 की ठगी का शिकार हुए थे एक्टर
इससे पहले, मुंबई के ओशिवारा पुलिस साइबर सेल ने वरिष्ठ अभिनेता गजेंद्र चौहान के 98,000 रुपये बरामद किए। गजेंद्र चौहान फेसबुक पर फर्जी डी-मार्ट विज्ञापन से जुड़े ऑनलाइन धोखाधड़ी का शिकार हुए थे। साइबर पुलिस की कार्रवाई से उन्हें और अधिक वित्तीय नुकसान से बचाया जा सका। 10 दिसंबर को फेसबुक ब्राउज करते समय उन्हें डी-मार्ट के नाम से रियायती सूखे मेवों का एक ऐड दिखा। लिंक पर क्लिक करने और अपने मोबाइल फोन पर भेजे गए ओटीपी को दर्ज करने के बाद, चौहान को पता चला कि उनके बैंक खाते से 98,000 रुपये डेबिट हो गए हैं।
कौन हैं गजेंद्र सिंह चौहान?
गजेंद्र सिंह चौहान एक अनुभवी टेलीविजन एक्टर हैं, जिन्हें ऐतिहासिक धारावाहिक ‘महाभारत’ (1988-90) में युधिष्ठिर की भूमिका के लिए सबसे अधिक याद किया जाता है। टेलीविजन के अलावा उन्होंने कई बी-ग्रेड फिल्मों में अभिनय किया है और कई फिल्मों में कैमियो रोल्स भी किए हैं। 2015 में, उन्हें भारतीय फिल्म और टेलीविजन संस्थान (एफटीआईआई) का अध्यक्ष नियुक्त किया गया था, लेकिन उनके कार्यकाल के दौरान छात्रों के विरोध प्रदर्शन हुए, जिसके कारण उन्होंने अक्टूबर 2017 में इस्तीफा दे दिया। उन्होंने 2021 से 2025 तक दादा लक्ष्मी चंद राज्य प्रदर्शन और दृश्य कला विश्वविद्यालय के कुलपति के रूप में भी काम किया।













