पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया ने भी मंगलवार को स्पष्ट किया कि इस किताब के प्रकाशन अधिकार उनके पास हैं, लेकिन फिलहाल इसे सार्वजनिक नहीं किया गया है। यदि कोई प्रति कहीं प्रसारित हो रही है, तो वह अवैध है और कॉपीराइट कानून का उल्लंघन है। इस पोस्ट को सोशल मीडिया एक्स पर शेयर करते हुए पूर्व सेना प्रमुख ने कहा, यही किताब की वर्तमान स्थिति है।
‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’ बुक पब्लिश हुई या नहीं?
प्रकाशक ने बयान जारी कर कहा, ‘पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया यह स्पष्ट करना चाहता है कि भारतीय सेना के पूर्व प्रमुख जनरल एम. एम. नरवणे द्वारा लिखित आत्मकथा ‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’ के प्रकाशन अधिकार केवल हमारे पास हैं। हम यह भी स्पष्ट करना चाहते हैं कि पुस्तक का प्रकाशन अब तक नहीं हुआ है।’
बयान में कहा गया है कि कंपनी द्वारा पुस्तक की कोई भी प्रति मुद्रित या डिजिटल रूप में प्रकाशित, वितरित, बेची या किसी अन्य तरीके से जनता के लिए उपलब्ध नहीं कराई गई है। प्रकाशक ने यह भी चेतावनी दी कि वर्तमान में प्रसारित हो रहे पुस्तक के संस्करण को कॉपीराइट उल्लंघन माना जाएगा।
मार्केट में फैली किताबों पर पेंगुइन ने क्या कहा?
पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया ने बताया कि किसी किताब की घोषणा, प्री-ऑर्डर और वास्तविक प्रकाशन अलग-अलग प्रक्रियाएं होती हैं। जब तक किताब बाजार में बिक्री के लिए उपलब्ध न हो, तब तक उसे प्रकाशित नहीं माना जाता। पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया ने साफ किया है कि वह अवैध रूप से फैल रही किसी भी सामग्री के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेगा और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।
कितने स्टेप में प्रकाशित होती है किताब?
पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया ने बताया कि किसी भी किताब को प्रकाशित करने के लिए कई स्टेप फॉलो किए जाते हैं। जिसमें करीब चार स्टेप होते हैं।
- पहले स्टेप में किताब की घोषणा की जाती है, इसमें किताब की योजना बनती है। लेकिन यह प्रकाशित यह बिक्री के लिए उपलब्ध नहीं होती है।
- प्री-ऑर्डर के लिए उपलब्ध किताब: पाठक और दुकानदार दोनों पहले से ऑर्डर दे सकते है लेकिन किताब अब तक जारी नहीं होती है।
- तारीख तय: किताब की तारीख तय हो जारी है लेकिन वह अभी तक प्रकाशित नहीं मानी जाती है।
- प्रकाशित किताब: वहीं किताब प्रकाशित मानी जाती है, जो बाजार में खरीदने के लिए उपलब्ध हो।













