मार्च में हो सकती है चुनावों की घोषणा
इनमें चार राज्यों की विधानसभा का कार्य और पुडुचेरी का जून में खत्म हो रहा है। सबसे पहले 7 मई को बंगाल विधानसभा का कार्यकाल खत्म हो रहा है। सूत्रों का कहना है कि पिछले साल बिहार में चुनावों की घोषणा 6 अक्टूबर 2025 को की गई थी। दो चरणों में हुए बिहार में चुनावी प्रक्रिया 16 नवंबर को खत्म हो गई थी। जबकि बिहार की विधानसभा का कार्यकाल 22 नवंबर तक था। इसे देखते हुए इन पांच राज्यों में भी मार्च के पहले सप्ताह के बाद ही चुनावों की घोषणा होने की उम्मीद है।
चुनावों की घोषणा से पहले दौरा क्यों अहम
जब भी किसी राज्य में चुनाव कराए जाते हैं। उससे पहले चुनाव आयोग की टीम उस राज्य का दौरा करती है। इसका मकसद वहां कानून-व्यवस्था से लेकर शांतिपूर्वक चुनावी प्रक्रिया पूरी कराने के लिए तैयारियों का जायजा लेना होता है। इसमें तमाम राजनीतिक दलों, पुलिस-प्रशासन और अन्य संबंधित तमाम स्टेक होल्डरों के साथ मीटिंग करना शामिल होता है। इसमें संवेदनशील और अतिसंवेदनशील बूथों की संख्या भी पता की जाती है कि वह कितनी बढ़ी या कम हुई हैं। इसके अलावा मतदान के लिए कितने पोलिंग बूथ होने चाहिए ताकि मतदाताओं को वोट देने के लिए अधिक दूर ना जाना पड़े। इन तमाम चीजों का ध्यान रखते हुए यह विजिट की जाती है।
होगी राजनीतिक दलों से मीटिंग
सूत्रों ने बताया कि चुनाव आयोग गुवाहाटी पहुंचकर यहां के तमाम राजनीतिक दलों से मीटिंग करेगा। दलों के प्रतिनिधियों से बातचीत कर उनका फीडबैक लेगा। आयोग असम के चीफ सेक्रेटरी और डीजीपी समेत असम के सभी जिलों के डीएम और एसपी के साथ अन्य आला अधिकारियों के साथ मीटिंग करेगा।













