मीर यार ने एक जनवरी को किए ट्वीट में लिखा है, ‘बलूचिस्तान गणराज्य में आपका स्वागत है। हम बताना चाहते हैं कि बलूचिस्तान गणराज्य के पास जल्द ही अपनी नियमित बलूचसेना होगी, जिसमें कम से कम 5 लाख सैनिक होंगे। इसके साथ ही बलूचनेवी, बलूच एयरफोर्स और आतंकवाद विरोधी बल भी होंगे।’
मिलकर लड़ेंगे लड़ाई
मीर यार ने आगे लिखा है कि 5 लाख से ज्यादा सैनिकों वाली बलूचिस्तान की सेना वैश्विक साझेदारों के साथ मिलकर कट्टरपंथी ताकतों से लड़ेंगी और उन्हें हराएंगे। ये सेना बलूचिस्तान के समुद्र, जमीन और हवाई क्षेत्र की रक्षा करेगी। इसके अलावा नए साल में हम बलूचिस्तान के राजनयिक मिशन दुनिया के 190 देशों में शुरू करेंगे। ताकि दुनिया को बलूचिस्तान गणराज्य को जल्द से जल्द मान्यता देने के लिए मनाया जा सके।
मीर यार ने पहली बार बलूचिस्तानकी पाकिस्तान से आजादी की बात नहीं है। मीर हालिया वर्षों में लगातार सोशल मीडिया पर बलूचिस्तान को एक अलग देश लिखते रहे हैं। मीर का कहना है कि बलूचिस्तान कभी भी पाकिस्तान का हिस्सा नहीं बनना चाहता था। बलूच लोगों के साथ 1947 के वक्त धोखा किया गया। इस धोखे को अब सुधारना चाहिए और बलूचिस्तान को पाकिस्तान से अलग कर देना चाहिए।
मीर यार बलूच पाकिस्तान की सरकार और सेना के मुखर आलोचक हैं। मीर ने लगातार पाकिस्तानी सेना पर बलूचिस्तान के लोगों का उत्पीड़न करने का आराप लगाया है। मीर का कहना है कि पाकिस्तान की सेना और सरकार बलूच लोगों के साथ दुश्मन की तरह बर्ताव करती है। वह खतरनाक हथियारों का इस्तेमाल आम बलूच लोगों के खिलाफ करती है।












