• International
  • बलूचिस्तान में पाकिस्तानी सेना पर मौत बनकर बरस रही बलूच महिलाएं, रोटी बनाने वाले हाथों ने क्यों थामे हथियार?

    इस्लामाबाद: बलूचिस्तान में पिछले शुक्रवार की रात बलूच विद्रोही पाकिस्तान की सेना पर मौत बनकर टूट पड़े थे। बलूचों ने 200 से ज्यादा पाकिस्तानी सेना के जवानों को मारने का दावा किया है। बलूच विद्रोहियों ने बलूचिस्तान के 12 शहरों में सेना, पुलिस जवान और सरकारी इन्फ्रास्ट्रक्चर पर खतरनाक हमला बोला था। इस हमले ने


    Azad Hind Desk अवतार
    By Azad Hind Desk फरवरी 3, 2026
    Views
    728 x 90 Advertisement
    728 x 90 Advertisement
    300 x 250 Advertisement
    इस्लामाबाद: बलूचिस्तान में पिछले शुक्रवार की रात बलूच विद्रोही पाकिस्तान की सेना पर मौत बनकर टूट पड़े थे। बलूचों ने 200 से ज्यादा पाकिस्तानी सेना के जवानों को मारने का दावा किया है। बलूच विद्रोहियों ने बलूचिस्तान के 12 शहरों में सेना, पुलिस जवान और सरकारी इन्फ्रास्ट्रक्चर पर खतरनाक हमला बोला था। इस हमले ने पाकिस्तान की सेना और सरकार को हिला कर रख दिया है। लेकिन सबसे ज्यादा हैरानी तब हुई, जब बलूच विद्रोहियों ने हमले की तस्वीरें जारी कीं। इसमें महिला विद्रोहियों को दिखाया गया था, जिनकी हाथों में एडवांस बंदूके थीं। इसीलिए सवाल उठ रहे है कि आखिर महिला विद्रोहियों ने अब बलूचिस्तान की आजादी का संकल्प क्यों लिया है?

    आमतौर पर महिला विद्रोहियों को आत्मघाती हमलावरों की भूमिका दिया जाता था। लेकिन ऐसा पहली बार हुआ है जब उन्होंने बंदूक थामा है। ऐसा क्यों हुआ है तो इसका जवाब है पाकिस्तान की सेना। पाकिस्तानी सेना ने बलूचों पर क्रूर हमले किए हैं। सैकड़ों बलूच युवाओं को गायब कर दिया है और बलूच नेताओं को, जो शांति के साथ बात करना चाहते थे, उन्हें या तो जेल में डाला है या मार डाला है। इसीलिए बलूचों ने अपनी रणनीति में बड़ा बदलाव किया है।

    बलूच महिलाओं ने क्यों थामा पाकिस्तानी सेना के खिलाफ हथियार?
    पाकिस्तान की पॉलिटिकल साइंटिस्ट आयशा सिद्दीका ने लिखा है कि “यह देखना जरूरी है कि जब महिलाएं किसी विद्रोह का हिस्सा बनती हैं तो इसका क्या मतलब होता है।” रिपोर्ट्स के मुताबिक, हथियार थामने वाली ज्यादातर महिलाएं वो हैं, जिनके पतियों को पाकिस्तानी सेना ने मौत के घाट उतार डाला है, जिनके घरों के पुरुषों को पाकिस्तान की सरकार ने क्रूर दमन चलाते हुए गायब कर दिया है। शुक्रवार के हमले के बाद जिन दो महिलाओं की तस्वीर जारी की गई है, उनमें से एक महिला अपने जन्मदिन पर बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) में शामिल हुई थीं। इनमें से एक की पहचान 24 साल की आसिफा मेंगल के रूप में हुई है। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने भी माना कि दो हमलों में महिला विद्रोहियों का हाथ था।

    इंडिया टुडे के मुताबिक आसिफा मेंगल अपने 21वें जन्मदिन पर BLA की मजीद ब्रिगेड में शामिल हुई थीं। BLA ने एक बयान जारी कर बताया है कि उन दोनों ने जनवरी 2024 में फिदायीन बनने का फैसला किया था और शनिवार को नुश्की में ISI हेडक्वार्टर को निशाना बनाने वाली हमलावर वही थीं। BLA की एक महिला लड़ाकू का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसमें वह पाकिस्तानी सुरक्षा बलों की एक बिल्डिंग के चारों तरफ गश्त कर रही हैं। उसके बाद उन्हें धमाकेदार अंदाज में फायरिंग करते हुए देखा गया। वो अपने एक पुरुण बीएलए साथी के साथ पाकिस्तानी सरकार और सेना का मजाक उड़ा रही थीं।

    पाकिस्तान के लिए बलूचिस्तान में कैसे बढ़ गई मुश्किलें?
    महिलाओं के हथियार उठाने के बाद बलूचिस्तान अब पाकिस्तान के लिए खौफ बन गया है। एक तरफ जहां महरंग बलूच और पत्रकार शम्मी दीन बलूच जैसी महिलाओं ने शांति का विकल्प चुना है, वहीं सैकड़ों महिलाएं BLA में शामिल हो रही हैं। ये महिलाएं पाकिस्तान से अपने वतन बलूचिस्तान की आजादी के लिए आत्मघाती हमलावर बनने के रास्ते पर चल निकली हैं। पाकिस्तान सरकार ने शांति के साथ आंदोलन चलाने वालीं महरंग बलूच को मार्च 2025 से जेल में बंद कर रखा है। उन्हें बलूचिस्तान की राजधानी क्वेटा में एक शांतिपूर्ण धरने से गिरफ्तार किया गया था।

    इससे पहले अप्रैल 2022 में 30 साल महिला शरी बलूच, जो दो बच्चों की मां थीं और जिनके पास मास्टर्स की डिग्री थी, उन्होंने कराची यूनिवर्सिटी के कन्फ्यूशियस इंस्टीट्यूट के बाहर खुद को उड़ा लिया था। इस हमले में तीन चीनी नागरिक और एक पाकिस्तानी ड्राइवर मारा गया था। जून 2022 में सुमैया कलंदरानी बलूच, जो एक पत्रकार और BLA के पहले पुरुष आत्मघाती हमलावर रेहान बलूच की मंगेतर थीं, उन्होंने बलूचिस्तान के तुरबत में एक पाकिस्तानी सैन्य काफिले को निशाना बनाकर फिदायीन हमला किया था।

    728 x 90 Advertisement
    728 x 90 Advertisement
    300 x 250 Advertisement

    हर महीने  ₹199 का सहयोग देकर आज़ाद हिन्द न्यूज़ को जीवंत रखें। जब हम आज़ाद हैं, तो हमारी आवाज़ भी मुक्त और बुलंद रहती है। साथी बनें और हमें आगे बढ़ने की ऊर्जा दें। सदस्यता के लिए “Support Us” बटन पर क्लिक करें।

    Support us

    ये आर्टिकल आपको कैसा लगा ? क्या आप अपनी कोई प्रतिक्रिया देना चाहेंगे ? आपका सुझाव और प्रतिक्रिया हमारे लिए महत्वपूर्ण है।