खुफिया सूत्रों के मुताबिक, असीम मुनीर का यह रुख बलूचिस्तान में पाकिस्तान आर्मी की कमजोर होती पकड़ को मजबूत करने की कोशिश का हिस्सा है। ऐसा करके असीम मुनीर, भारत पर पाकिस्तान की अखंडता का उल्लंघन करने का आरोप लगाकर अपनी सुरक्षा पकड़ को मजबूत करना चाहते हैं। खासकर यह बयानबाजी ऐसे समय में और तेज हुई है, जब बलूचिस्तान में अलगाववादी हिंसा, सेना के खिलाफ असंतोष और मानवाधिकार उल्लंघनों के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं।
बलूचिस्तान पर असीम मुनीर का भारत विरोधी एजेंडा
असीम मुनीर ने दावा किया है कि पाकिस्तान की सुरक्षा बल बलूचिस्तान में काम कर रहे भारत समर्थित एजेंटों की “दुश्मन योजनाओं” को नाकाम कर देंगे। असीम मुनीर ने दावा किया है कि उनकी सेना, इस क्षेत्र में ‘हिंसा फैला रहे भारतीय एजेंट’ को कुचलकर रख देंगे। सीएनएन-न्यूज 18 ने भारत के टॉप खुफिया सूत्रों के हवाले से अपनी रिपोर्ट में कहा है कि “असीम मुनीर के बयान पाकिस्तान सेना के राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा करने और बलूचिस्तान पर नियंत्रण बनाए रखने के बड़े नैरेटिव का हिस्सा हैं।” सूत्रों ने आगे कहा कि बलूचिस्तान में भारतीय दखल के बारे में मुनीर के बार-बार दिए गए बयान, प्रांत पर सेना के आंतरिक नियंत्रण को मजबूत करने के मकसद से हैं। उनकी बार-बार भारत विरोधी बयानबाजी को पाकिस्तान सेना की घरेलू चुनौतियों से ध्यान भटकाने के तरीके के तौर पर देखा जा रहा है।
सूत्रों के हवाले से रिपोर्ट में बताया गया है कि असीम मुनीर का फोकस अंतरराष्ट्रीय समुदाय से ज्यादा घरेलू दर्शकों पर है। पाकिस्तान इस समय गंभीर आर्थिक संकट, राजनीतिक अस्थिरता और सेना की गिरती साख से जूझ रहा है। बलूचिस्तान में जबरन गुमशुदगियों, कथित फर्जी मुठभेड़ों और विकास परियोजनाओं के ठप पड़ने ने सेना की वैधता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। इसीलिए पाकिस्तान के लिए भारत-विरोधी बयानबाजी कर लोगों का ध्यान भटकाना काफी आसान है। ऐसे में पाकिस्तान सेना खुद को बलूचिस्तान का अकेला संरक्षक बताने का मौका मिलता है। लेकिन भारतीय सूत्रों का कहना है कि ये रणनीतिक घरेलू दर्षकों को भटका जरूर सकती है, लेकिन इससे जमीनी हालात नहीं बदलते हैं।













