ऐसे ही सवालों का जवाब हम 5 पॉइंट्स में देने की कोशिश कर रहे हैं-
1. आईसीसी की तरफ से नहीं आया है औपचारिक बयान
आईसीसी की तरफ से इस मसले पर कई दिन बीतने के बावजूद अब तक कोई औपचारिक बयान नहीं आया है। केवल कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में आईसीसी सोर्सेज से यह बताया गया है कि बांग्लादेश की मांग पर आईसीसी चेयरमैन जय शाह ने टी20 वर्ल्ड कप के मैचों को रिशेड्यूल करने की प्रोसेस शुरू कराई है। इसे लेकर भी आईसीसी ने कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया है। औपचारिक बयान जारी नहीं होने के चलते अब तक यह स्पष्ट नहीं है कि सही मायने में आईसीसी का क्या रुख है? क्रिकबज की रिपोर्ट के मुताबिक, अगले दो दिन में आईसीसी अधिकारी इस मुद्दे पर बीसीसीआई और बीसीबी के साथ मीटिंग कर सकते हैं। इसके बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।
Explained: 5 पॉइंट्स में जानें क्या होगा, यदि आईसीसी ने बांग्लादेश के लिए बदला टी20 वर्ल्ड कप शेड्यूल
2. क्या बीसीसीआई के पास है बांग्लादेश को रोकने का हक?
आईसीसी इवेंट में सह मेजबान होने के नाते बीसीसीआई को इस मामले में हस्तक्षेप करने का पूरा हक है। इवेंट शुरू होने में महज 30 दिन बाकी हैं। ऐसे में शेड्यूल के साथ बांग्लादेश ही नहीं किसी अन्य टीम के लिए भी छेड़छाड़ करना मुश्किल खड़ी कर सकता है। जमीनी धरातल पर आयोजन की सारी जिम्मेदारी आईसीसी नहीं बल्कि बीसीसीआई संभाल रहा है। ऐसे में रिशेड्यूल से पैदा होने वाली सारी परेशानियों से उसे ही जूझना पड़ेगा। साथ ही इससे आईसीसी के साथ ही बीसीसीआई का भी रेवेन्यू प्रभावित होगा। ऐसे में वह रिशेड्यूल करने के किसी भी फैसले पर ऐतराज जता सकता है। साथ ही इससे क्रिकेट फैंस के भी प्रभावित होने का मुद्दा उठा सकता है, जो शेड्यूल जारी होने के साथ ही अपनी होटल बुकिंग से लेकर फ्लाइट बुकिंग तक करा चुके होंगे।
बांग्लादेश और भारत के बवाल पर ICC एक्शन में, टी20 वर्ल्ड कप के मुकाबलों में कहां खेलेगी टीम?
3. भारत सरकार की क्या रहेगी इसमें भूमिका?
इस मामले में भारत सरकार की भूमिका अहम रहेगी, क्योंकि बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने भी सारी कार्रवाई अपनी सरकार के निर्देश के बाद की है। बांग्लादेश सरकार ने आगे बढ़ते हुए IPL 2026 के टेलीकास्ट पर भी बैन लगाया है। वर्ल्ड कप के मैचों की रिशेड्यूलिंग पर तकरार विदेश नीति को प्रभावित कर सकती है। ऐसे में बीसीसीआई को मोदी सरकार से सलाह लेनी होगी। हाल ही में विदेश मंत्री एस. जयशंकर पूर्व बांग्लादेशी पीएम खालिदा जिया के अंतिम संस्कार में बांग्लादेश गए थे और उस दौरान दोनों ही तरफ से पॉजिटिव संदेश सामने आया था। लेकिन इस मामले में सरकार का क्या रुख होगा, फिलहाल इसका अंदाजा लगाना संभव नहीं है।
बांग्लादेश में टीवी पर नहीं दिखेगी IPL, मुस्तफिजुर रहमान विवाद के बाद यूनुस सरकार ने लगाया बैन
4. क्या बांग्लादेश पर कार्रवाई कर सकती है आईसीसी?
यदि वर्ल्ड कप में इस तरह से मैच छोड़ने की धमकी देने के पुराने मामले देखें जाए तो बांग्लादेश को नुकसान हो सकता है। 1996 के वर्ल्ड कप में श्रीलंका जाने से इंकार करने पर ऑस्ट्रेलिया और वेस्टइंडीज के अंक कटे थे, जबकि 2003 वर्ल्ड कप में न्यूजीलैंड ने केन्या और इंग्लैंड ने जिम्बाब्वे के खिलाफ मैच नहीं खेले थे तो उनके अंक भी विपक्षी टीमों को दे दिए गए थे। साल 2016 के अंडर-19 वर्ल्ड कप में ऑस्ट्रेलिया ने बांग्लादेश जाने से इंकार किया था तो उसे टूर्नामेंट से ही बाहर करके आईसीसी ने आयरलैंड को जगह दे दी थी। इन उदाहरणों से देखें तो आईसीसी इस बार बांग्लादेश पर कार्रवाई कर सकती है। लेकिन बांग्लादेश ने रिशेड्यूल करने की मांग के साथ भारतीय टीम के चैंपियंस ट्रॉफी 2025 में पाकिस्तान नहीं जाने का उदाहरण दिया था। उस समय भारतीय टीम के मैच रिशेड्यूल करके यूएई में आयोजित किए गए थे। ऐसे में बांग्लादेश के खिलाफ कार्रवाई करना आसान नहीं होगा।
BCCI से बात नहीं करेंगे, ये ICC इवेंट है, हम भारत में सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे: बांग्लादेश
5. क्या बांग्लादेश के ग्रुप की अन्य टीमें करेंगी ऐतराज?
बांग्लादेश को टी20 वर्ल्ड कप 2026 के मौजूदा शेड्यूल के लिहाज से 3 मैच कोलकाता के ईडन गार्डंस में और एक मैच मुंबई के वानखेडे में ग्रुप लेवल पर खेलना है। कोलकाता में उसे 7 फरवरी को वेस्टइंडीज के खिलाफ, 9 फरवरी को इटली के खिलाफ और 14 फरवरी को इंग्लैंड के खिलाफ खेलना है, जबकि मुंबई में उसका मैच 17 फरवरी को नेपाल के खिलाफ होगा। यदि मैचों को रिशेड्यूल किया जाता है तो इन टीमों की तरफ से भी ऐतराज आ सकता है, क्योंकि फिर उन्हें भारत और श्रीलंका के बीच लंबी हवाई यात्रा करनी होगी। ऐसा करना टी20 वर्ल्ड कप के टाइट शेड्यूल के बीच बेहद मुश्किल साबित होगा।













