उन्होंने BNP चेयरपर्सन के पॉलिटिकल ऑफिस में वामपंथी पार्टियों के गठबंधन डेमोक्रेटिक यूनाइटेड फ्रंट (DUF) के नेताओं से मुलाकात के दौरान कहा कि “मुक्ति संग्राम बांग्लादेश के एक राज्य और उसकी राजनीति की नींव है। 1971 के बिना देश के अस्तित्व की कल्पना नहीं की जा सकती।”
बांग्लादेश की आजादी पर तारिक रहमान का बड़ा बयान
इस दौरान तारिक रहमान ने कहा कि “हाल के विद्रोह के बाद देश में जो नई राजनीतिक सच्चाई और संभावनाएं सामने आई हैं, उनका इस्तेमाल किया जाना चाहिए। सरकार और विपक्षी पार्टियों सहित सभी को देश को आगे बढ़ाने के लिए मिलकर काम करना चाहिए।” इसके अलावा राष्ट्रीय एकता के महत्व पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि “मौजूदा राजनीतिक अवसर का इस्तेमाल लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करने के लिए किया जाना चाहिए।”
वहीं, बैठक में हुई चर्चा पर बात करते हुए वामपंथी पार्टियों के नेताओं ने बताया कि BNP के कार्यवाहक अध्यक्ष ने देश में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर चिंता जताई। साथ ही, उन्होंने निष्पक्ष, स्वतंत्र और स्वीकार्य राष्ट्रीय चुनाव सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने सभी से एकजुट रहने का आह्वान किया है। आपको बता दें कि चुनाव के बाद बीएनपी के सबसे बड़ी पार्टी के तौर पर उभरने की संभावना जताई गई है। कई रिपोर्ट्स में कहा गया है कि बीएनपी को 150 से ज्यादा सीटें मिल सकती हैं। वहीं, बांग्लादेश समाजतांत्रिक दल (BSD) के महासचिव बजलुर राशिद फिरोज़ ने कहा, तारिक रहमान ने DUF नेताओं से कहा कि “1971 का मुक्ति संग्राम हमारी नींव है। मुक्ति संग्राम के बिना बांग्लादेश का अस्तित्व संभव नहीं है।”














