खिलाड़ियों के अधिकारों और सम्मान पर सवाल
WCA के सीईओ टॉम मोफैट ने एक कड़ा बयान जारी करते हुए कहा कि यह स्थिति खेल के मौजूदा मॉडल की कमियों को उजागर करती है। उन्होंने कहा, ‘क्रिकेट तब सबसे मजबूत होता है जब हर टीम और खिलाड़ी का सम्मान किया जाए। खिलाड़ियों को निष्पक्ष शर्तों पर खेलने का मौका मिलना चाहिए।’ मोफैट ने यह भी संकेत दिया कि वैश्विक स्तर पर खिलाड़ियों और उनके प्रतिनिधियों के साथ सलाह-मशविरा करने में कमी आ रही है, जो खेल की एकता को कमजोर कर रहा है।
सुरक्षा का मुद्दा और आईसीसी का रुख
बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने भारत में सुरक्षा चिंताओं का हवाला देते हुए अपने मैच श्रीलंका शिफ्ट करने की मांग की थी। हालांकि, आईसीसी ने स्पष्ट किया कि भारत में बांग्लादेशी खिलाड़ियों या समर्थकों को कोई खतरा नहीं है। आईसीसी बोर्ड की बैठक में बांग्लादेश के प्रस्ताव को 14-2 के बड़े अंतर से खारिज कर दिया गया था, जहां केवल पाकिस्तान ने बांग्लादेश का साथ दिया था। आईसीसी के अनुसार, आखिरी समय पर पूरे टूर्नामेंट का कार्यक्रम बदलना संभव नहीं था।
विभाजन के बजाय एकजुटता की अपील
WCA ने खेल के दिग्गजों और नेताओं से अपील की है कि वे इस स्थिति को बहिष्कार या विभाजन के रूप में न देखें, बल्कि इसे एक सबक की तरह लें। संघ ने कहा कि खेल को एकजुट करने के लिए बोर्ड, लीग और खिलाड़ियों को मिलकर काम करना चाहिए। मोफैट ने यह भी कहा कि इस फैसले से सबसे ज्यादा नुकसान उन खिलाड़ियों का हुआ है, जो विश्व मंच पर अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका खो रहे हैं।
बांग्लादेशी खिलाड़ियों को मिला समर्थन
WCA ने बांग्लादेश के खिलाड़ियों और उनके संघ के प्रति अपना पूरा समर्थन जताया है। हालांकि भारतीय खिलाड़ी WCA के सदस्य नहीं हैं, लेकिन यह संस्था दुनिया भर के कई अन्य देशों के पेशेवर क्रिकेटरों का प्रतिनिधित्व करती है। संघ ने दोहराया कि वे वैश्विक स्तर पर क्रिकेट को मजबूत करने के लिए सभी बोर्ड के साथ मिलकर काम करने को तैयार हैं।














